सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर दिया जोर
जयपुर। सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने मंगलवार को जयपुर स्थित राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबंध संस्थान (राइसेम) में आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे राज्य सेवाओं (सहकारिता, जेल, उद्योग एवं श्रम कल्याण) के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया।
दक ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक सशक्तीकरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक तकनीक एवं नवाचारों के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए पारदर्शिता, ईमानदारी एवं जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि अधिकारियों के व्यक्तित्व एवं कार्यशैली के विकास का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान प्राप्त ज्ञान, कौशल एवं अनुभव उनके पूरे सेवा जीवन में मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। उन्होंने अधिकारियों को अनुशासन, समयबद्धता एवं संवेदनशीलता को अपने कार्य का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया। दक ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ अपने अनुभव किए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जब फील्ड में जाकर कार्य करते हैं, तभी वास्तविक स्थिति का सही आकलन होता है। कागजी प्रगति और वास्तविक प्रभाव में अंतर को समझना ही एक सक्षम प्रशासक की पहचान है। उन्होंने अधिकारियों से नियमित फील्ड विजिट करने तथा लाभार्थियों से फीडबैक लेकर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
दक ने कहा कि सहकारिता, उद्योग, जेल एवं श्रम जैसे विविध क्षेत्रों में कार्य करते हुए अधिकारियों को टीम भावना के साथ नवाचार को अपनाना चाहिए तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना चाहिए। सहकारिता मंत्री ने विशेष रूप से प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना का उल्लेख करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी दक्षता और जनसहभागिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
दक ने अधिकारियों से जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने तथा योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने कर्तव्यों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर राइसेम के निदेशक संजय कुमार पाठक ने संस्थान की गतिविधियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी प्रदान की।इससे पूर्व सहकारिता मंत्री के संस्थान में आगमन पर निदेशक संजय कुमार पाठक सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। अतिरिक्त निदेशक श्रीमती कृति शर्मा, संकाय सदस्यगण एवं विभिन्न सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारी इस दौरान उपस्थित रहे।
सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन मंत्री ने राइसेम में प्रशिक्षु अधिकारियों को किया संबोधित


