जयपुर/बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में करीब 1.06 लाख करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य के विकास, आत्मनिर्भर भारत और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से बात की। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले भी किए।
पीएम मोदी ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी जैसे बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को पहले राजनीतिक कारणों और क्रेडिट लेने की होड़ में लंबे समय तक अटकाया गया, जिससे इसकी लागत ₹37,000 करोड़ से बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का स्पष्ट विजन है कि परियोजनाओं को केवल शिलान्यास तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए।
राजस्थान के विकास पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान की धरती वीरों की भूमि है और यह राज्य देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेंगी, बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देंगी। उन्होंने पचपदरा रिफाइनरी को राजस्थान के लिए “ड्रीम प्रोजेक्ट” बताते हुए कहा कि इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
प्रमुख परियोजनाओं और घोषणाओं का उल्लेख
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कई अन्य विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया गया है, जिससे मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने उड़ान योजना के नए चरण की शुरुआत की जानकारी दी, जिसके तहत छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों को हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो के विस्तार की योजना भी आगे बढ़ रही है, जिससे शहरी परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र के जल संकट के समाधान के प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि हाल ही में राजस्थान के करीब 54 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जो राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
वैश्विक हालात और भारत की स्थिति पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के कई देश ईंधन की कमी और युद्ध जैसे हालातों से परेशान हैं, लेकिन भारत ने सही रणनीति, कूटनीति और संसाधनों के संतुलित उपयोग से इस संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया है।
उन्होंने कहा कि भारत ने इस दौरान अपने ऊर्जा स्रोतों को 25-26 देशों से बढ़ाकर 40 से अधिक देशों तक विस्तारित किया, जिससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत हुई।
जनता और विकास पर संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी भारत की जनता ने संयम और सहयोग बनाए रखा, जिसके कारण देश स्थिरता के साथ आगे बढ़ सका। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों के योगदान की सराहना की और कहा कि भारत अब तेज गति से विकास की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि राजस्थान के विकास की यह नई यात्रा राज्य को औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगी।
ऊर्जा संकट, रोजगार और राजस्थान विकास पर मोदी का संबोधन, कहा- भारत चुनौतियों से नहीं रुकता, आगे बढ़ता है


