श्रीनगर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इन दिनों देशभर में चर्चा के केंद्र में है। इसी कड़ी में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। इस दौरान उनके साथ जम्मू-कश्मीर के पैडर-नागसेनी से विधायक एवं पूर्व बीजेपी जनरल सेक्रेट्री सुनील शर्मा और भाजपा के जम्मू-कश्मीर महासचिव मोहम्मद अनवर खान भी मौजूद रहे। अपने दो दिवसीय श्रीनगर प्रवास के पहले दिन आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल राठौड़ ने संवाददाताओं का स्वागत करते हुए कहा कि मीडिया के माध्यम से वे कश्मीर समेत पूरे देश तक सरकार का संदेश पहुँचाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सुशासन और महिला सशक्तिकरण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण विधेयक-संविधान संशोधन, डिलिमिटेशन बिल 2026 और यूनियन टेरिटरी अमेंडमेंट लॉ 2026 लाए गए थे।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने भ्रम फैलाकर इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह तर्क देना कि बिल पहले ही पास हो चुका है, पूरी तरह भ्रामक है क्योंकि पुराने प्रावधानों के तहत इसे लागू करने में लंबा समय लगता।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि देश में पहले से ही पंचायती राज संस्थाओं में करीब 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व है, जो यह दर्शाता है कि महिलाएं जमीनी स्तर पर नेतृत्व कर रही हैं। अब समय है कि उन्हें संसद और विधानसभाओं में भी समान अवसर मिले। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के साहस और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यहां की मातृशक्ति पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी जी का लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिला आरक्षण को लागू करना है और भाजपा का हर कार्यकर्ता इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीनगर प्रेस कॉन्फ्रेंस, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, कहा-महिलाओं को हक दिलाना हमारी प्राथमिकता


