ओटावा। विश्व में प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करने के लिए कनाडा में चल रही वार्ता में पहली बार वैश्विक संधि के लिए संभावित मसौदे पर चर्चा हुई। हालांकि देश इस बात पर बंटे हुए थे कि क्या प्लास्टिक उत्पादन पर वैश्विक सीमा तय की जाए। इसी के साथ प्लास्टिक प्रदूषण पर चल रही चौथे दौर की वार्ता मंगलवार सुबह समाप्त हो गई।अंतर सरकारी वार्ता समिति के प्रतिनिधियों और पर्वेक्षकों ने इसे स्वागत योग्य संकेत बताते हुए कहा है कि बातचीत अब विचार के स्तर से आगे बढ़ कर इस बात पर हो रही है कि संधि में किन शब्दों को शामिल किया जाए। ओटावा,सत्र की समाप्ति पर समिति संधि पर काम जारी रखने पर सहमत हुई है। संधि पर आखिरी बैठक इसी वर्ष दक्षिण कोरिया में होनी है।वार्ता के दौरान वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक के उत्पादन को सीमित करना सबसे अहम मुद्दे के तौर पर उभरा। प्लास्टिक का उत्पादन करने वाले देशों और कंपनियों के अलावा तेल और गैस का निर्यात करने वाले देशों ने इस पर आपत्ति की। विश्व में सबसे ज्यादा प्लास्टिक जीवाश्म ईंधन और रसायन से बनाया जाता है।इंटरनेशनल काउंसिल आफ केमिकल एसोसिएशन के प्रवक्ता स्टीवर्ट हैरिस ने कहा कि सदस्य ऐसी संधि चाहते हैं जिसमें प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग और रीयूज पर फोकस किया जाए। उन्होंने कि वे नहीं चाहते हैं कि प्लास्टिक के उत्पादन को सीमित किया जाए और उनका मानना है कि इस समझोते के जरिये रसायन का नियमन नहीं किया जाना चाहिए।प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए पहली बैठक 2022 के दिसंबर महीने में उरुग्वे के पुंटा डेल एस्टे में हुई थी। इसके बाद बातचीत का दूसरा दौर 2023 के मई से जून के बीच पेरिस में आयोजित हुआ। वहीं तीसरा सत्र नवंबर 2023 के बीच नैरोबी में आयोजित किया गया था।
विश्व में प्लास्टिक प्रदूषण: प्लास्टिक प्रदूषण पर वैश्विक संधि के मसौदे पर हुई बात, कई मतभेद भी आए सामने

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