“AI के माध्यम से शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम”
जयपुर । जयपुर के युवा AI विशेषज्ञ एवं AI Coach India के संस्थापक विनीत शर्मा को राजस्थान राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर विशेष चर्चा एवं संवाद के लिए आमंत्रित किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT), उदयपुर के प्रभाग-4 (शैक्षिक प्रौद्योगिकी), अजमेर द्वारा आयोजित किया गया।
इस दौरान विनीत शर्मा ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ AI के भविष्य, शिक्षा में उसके उपयोग और विद्यार्थियों के लिए उसके अवसरों पर गहन चर्चा की। इस विशेष सत्र में AI के प्रभाव और उसके व्यावहारिक उपयोग को लेकर अधिकारियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग द्वारा विनीत शर्मा का एक विशेष पॉडकास्ट भी रिकॉर्ड किया गया , जिसे बाद में राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के आधिकारिक YouTube चैनल पर प्रसारित किया गया। इतना ही नहीं, इस पॉडकास्ट वीडियो को राज्य की सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को AI के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भी दिखाया जा रहा है।
विनीत शर्मा ने इस अवसर पर राजस्थान शिक्षा विभाग के अधिकारियों — दिनकर शर्मा (शिक्षा विभाग अधिकारी) एवं रवि (विभागाध्यक्ष) — का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा AI जैसे आधुनिक विषय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।
विनीत शर्मा, जो कि AI Coach India के संस्थापक हैं, का विज़न भारत में 10 लाख लोगों को AI से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में AI का उपयोग कर सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकें। वे देशभर में छात्रों, शिक्षकों और प्रोफेशनल्स को AI की ट्रेनिंग देकर डिजिटल सशक्तिकरण का कार्य कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि विनीत शर्मा को देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे द्वारा भी AI रिसर्च हेतु आमंत्रित किया जा चुका है, जो उनकी विशेषज्ञता और योगदान को दर्शाता है। इसके साथ ही, विनीत शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कनाडा की Esquare संस्था के साथ साझेदारी की है और जल्द ही AI Coach India का विस्तार विदेशों में करते हुए वहां कार्यालय शुरू करने की योजना है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों में AI को लेकर एक नई जागरूकता और उत्साह देखने को मिला, जो भविष्य में शिक्षा प्रणाली को और अधिक आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा।


