डॉ ओपीयादव की रिपोर्ट
ढाका/ नई दिल्ली । दक्षिण एशिया में टिकाऊ कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास को मजबूत करने की दिशा में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के कृषि केंद्र ने महत्वपूर्ण पहल की है। केंद्र की ओर से शनिवार को ढाका स्थित कार्यालय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों एवं वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2027 के लिए संयुक्त कार्यक्रमों, संस्थागत साझेदारी और क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
‘वर्ष 2027 के लिए सार्क कृषि केंद्र के कार्यक्रमों पर सहयोगी संगठनों के साथ समन्वय बैठक’ विषय पर आयोजित इस बैठक में कृषि, खाद्य प्रणाली, ग्रामीण विकास, पशुधन, मत्स्य पालन, पर्यावरण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न संस्थाओं के बीच साझा हित के क्षेत्रों की पहचान करना और वर्ष 2027 में संयुक्त कार्यक्रमों एवं पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहयोग का मजबूत ढांचा तैयार करना था। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दक्षिण एशिया की साझा कृषि एवं खाद्य संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए देशों और संस्थाओं के बीच समन्वय तथा ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान और अधिक मजबूत किया जाना जरूरी है।
जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा पर क्षेत्रीय सहयोग जरूरी
दक्षिण एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आबादी का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। ऐसे में बदलती जलवायु, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, किसानों की आजीविका तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास जैसी चुनौतियां पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। बैठक में इन साझा चुनौतियों से निपटने के लिए टिकाऊ एवं जलवायु अनुकूल कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों, विशेषज्ञता और संभावित सहयोग के क्षेत्रों की जानकारी साझा की। साथ ही वर्ष 2027 में सार्क कृषि केंद्र के साथ मिलकर संयुक्त परियोजनाओं, ज्ञान-विनिमय कार्यक्रमों और क्षेत्रीय पहलों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
कृषि से लेकर पशुधन और मत्स्य क्षेत्र तक सहयोग
बैठक का दायरा केवल कृषि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खाद्य प्रणालियों, ग्रामीण विकास, पशुधन, मत्स्य पालन, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे परस्पर जुड़े क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया। इससे दक्षिण एशिया में कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए बहु-क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सार्क कृषि केंद्र की यह पहल क्षेत्र के देशों के बीच कृषि ज्ञान, नई तकनीकों, बेहतर कृषि पद्धतियों और सफल अनुभवों के आदान-प्रदान को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञ संस्थाओं और विकास संगठनों के साथ साझेदारी के माध्यम से किसानों और ग्रामीण समुदायों तक अधिक प्रभावी एवं परिणाम आधारित कार्यक्रम पहुंचाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
2027 के लिए संयुक्त कार्यक्रमों पर फोकस
समन्वय बैठक के माध्यम से सार्क कृषि केंद्र ने वर्ष 2027 के कार्यक्रमों के लिए संभावित सहयोगी संस्थाओं के साथ प्राथमिकताओं को साझा करने और साझा उद्देश्यों पर आधारित कार्यक्रम विकसित करने की दिशा में आधार तैयार किया है। बैठक से प्राप्त सुझावों और विचारों के आधार पर भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त पहल को आगे बढ़ाने की संभावनाएं हैं।
सार्क कृषि केंद्र की यह पहल ऐसे समय में विशेष महत्व रखती है, जब दक्षिण एशिया में सतत कृषि, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और जलवायु अनुकूल विकास को लेकर क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। यह बैठक आने वाले समय में दक्षिण एशियाई देशों और संबंधित संस्थाओं के बीच कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


