जयपुर। राजस्थान पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी करते हुए ऑपरेशन वज्र प्रहार के तहत नशा माफियाओं पर आर्थिक प्रहार किया है। बारां पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत मादक पदार्थ तस्कर विशाल सांसी, उसके पिता बलवीर उर्फ बल्लू सांसी और उनके सहयोगियों की अवैध कमाई से अर्जित करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया है।
इस कार्रवाई के बाद आरोपी अब अपनी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों का उपयोग, विक्रय या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे। एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि बारां पुलिस मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत ऑपरेशन वज्र प्रहार शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई और उससे अर्जित संपत्तियों को भी कानून के दायरे में लाना है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विशाल सांसी और उसके पिता बलवीर उर्फ बल्लू सांसी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 7 प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें एक प्रकरण वाणिज्यिक मात्रा का भी है। पूर्व कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से 24 किलो 308 ग्राम गांजा जब्त किया गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 48.61 लाख रुपये आंकी गई थी।
आर्थिक अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपियों की वैध आय का स्रोत बेहद सीमित है, जबकि उनके बैंक खातों में पिछले एक वर्ष में करीब 30 लाख रुपये के लेन-देन सामने आए। इसके आधार पर पुलिस थाना छबड़ा द्वारा एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया।
करीब दो माह चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद सक्षम प्राधिकारी ने बारां पुलिस की फ्रीजिंग कार्रवाई को वैध मानते हुए आरोपियों की संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज करने का आदेश दिया। इसके तहत एक जमीन/मकान, एक कार, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी को जब्त कर कानूनी रूप से फ्रीज किया गया।
इस कार्रवाई को अमलीजामा पहनाने में जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग ने भी समन्वय स्थापित करते हुए संपत्तियों के सत्यापन और बाजार मूल्यांकन में सहयोग किया।
एसपी अंदासु ने कहा कि भविष्य में भी मादक पदार्थ तस्करों और उनके सहयोगियों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ इसी प्रकार कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
ऑपरेशन वज्र प्रहार के तहत ड्रग तस्करों की 1.10 करोड़ की अवैध संपत्ति स्थायी फ्रीज, अब नहीं कर सकेंगे उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण


