जयपुर। राजभाषा हिंदी और जनसंचार माध्यमों का सरोकार विषय पर दूरदर्शन केंद्र जयपुर में हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए हिंदी के प्रख्यात लेखक ,कला समीक्षक, आलोचक और अतिरिक्त निदेशक जनसंपर्क डॉ राजेश कुमार व्यास ने कहा कि राजभाषा हिंदी आत्मियता की भाषा है और सरकारी कार्यालयों में इसका प्रयोग व प्रचलन निरंतर बढ़ रहा है! डॉ व्यास ने कहा कि हिंदी संपर्क की भाषा है, जो हम सबको जोड़ने का काम करती है! उन्होंने कहा कि दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे लोक प्रसारक माध्यमों ने हिंदी के विकास में योगदान दिया है।
कार्यशाला के प्रारंभ में कार्यालय प्रमुख सतीश देपाल ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए केंद्र की राजभाषा गतिविधियों पर प्रकाश डाला! देपाल ने पूर्वोत्तर क्षेत्रीय दूरदर्शन राजभाषा सम्मेलन आबूरोड की सफलता पर केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। सहायक निदेशक कार्यक्रम सुरेश चंद मीणा ने अपने उद्बोधन ने कहा कि हिंदी के विकास में लोक प्रसारण माध्यम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
समाचार प्रमुख मंजू मीणा ने इस अवसर पर कहा कि भाषा की अपनी एक सुंदरता होती है और अपना एक सौंदर्य होता है जिसके कारण भाषा विशिष्टताएं लिए हुए होती है। राजभाषा अधिकारी डॉ वासुदेव शर्मा ने तिमाही के दौरान होने वाली हिंदी गतिविधियों की जानकारी दी । राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए महानिदेशक दूरदर्शन नई दिल्ली की तरफ से प्राप्त प्रशंसा पत्र डॉ वासुदेव शर्मा एवं वीरेन्द्र कुमार परिहार को प्रदान किए गए।
कार्यशाला का संचालन राजभाषा अनुभाग से जुड़े कार्यक्रम अधिकारी वीरेन्द्र कुमार परिहार ने किय। कार्यशाला में उप निदेशक अभियांत्रिकी पंकज भूटानी, सहायक निदेशक (अभियात्रिकी) मुकेश अग्रवाल, रोड़ा राम गोगड़िया, अजय रोहिल्ला, राकेश गुप्ता, कार्यक्रम अधिकारी राज सिंह,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रंगलाल बैरवा समेत कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
दूरदर्शन केंद्र जयपुर में हिंदी कार्यशाला का आयोजन


