जयपुर। राजस्थान पुलिस मुख्यालय में सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (NPA), हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 25 प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने भावी पुलिस नेतृत्व को बदलते अपराध परिदृश्य, आधुनिक पुलिसिंग और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
डीजीपी शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिसिंग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अपराध, ड्रोन ड्रॉपिंग, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा तथा नई पीढ़ी (Gen Z) से जुड़ी सामाजिक चुनौतियां पुलिस के सामने नई जिम्मेदारियां लेकर आई हैं। ऐसे में अधिकारियों को समय के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट रखते हुए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी।
उन्होंने प्रोबेशनर अधिकारियों से कहा कि वे राजस्थान पुलिस की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का अध्ययन करें तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ कार्य करें। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि सरकार और आमजन की पुलिस की कार्यप्रणाली पर सतत निगाह रहती है, इसलिए प्रत्येक निर्णय और कार्रवाई कानूनसम्मत, निष्पक्ष एवं जवाबदेह होनी चाहिए।
डीजीपी ने अधिकारियों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम सहित नए आपराधिक कानूनों का गहन अध्ययन कर उनके अनुरूप प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
एनपीए के डीआईजी अजीत प्रताप सिंह के नेतृत्व में स्टडी टूर पर पहुंचे आईपीएस के इस संवाद सत्र के दौरान अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. , वीके सिंह, एस सेंगाथिर, संजीव नार्जरी सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों ने आधुनिक पुलिसिंग, नेतृत्व, समन्वय और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए तथा वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
बदलती पुलिसिंग की चुनौतियों को समझकर पारदर्शिता, ईमानदारी और समन्वय के साथ करें कार्य: डीजीपी राजीव कुमार शर्मा


