ओटीपी, फोटो, दस्तावेज और निजी चैट्स को सुरक्षित रखने के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन, लिंक्ड डिवाइसेज की नियमित जांच और एन्क्रिप्टेड बैकअप जरूरी; मॉडिफाइड व्हाट्सएप ऐप से रहें दूर
जयपुर। आज के समय में व्हाट्सएप केवल बातचीत और चैटिंग का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि इसमें लोगों की निजी जानकारियां, फोटो, दस्तावेज, ओटीपी और महत्वपूर्ण संवाद भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में साइबर अपराधी व्हाट्सएप अकाउंट पर नियंत्रण हासिल कर ठगी, फर्जी पहचान और ब्लैकमेलिंग जैसी वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। इसे देखते हुए महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा आर4सी द्वारा आमजन को व्हाट्सएप अकाउंट और चैट्स की सुरक्षा के संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साईबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि व्हाट्सएप के मैसेज और कॉल डिफॉल्ट रूप से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं, लेकिन गलत सेटिंग, अनधिकृत एक्सेस या यूजर की लापरवाही के कारण निजी डेटा जोखिम में पड़ सकता है। ऐसे में व्हाट्सएप की उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है।
- टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर करें सक्रिय
व्हाट्सएप की सेटिंग्स > अकाउंट > टू-स्टेप वेरिफिकेशन में जाकर 6 अंकों का पिन सेट करें और रिकवरी ईमेल जोड़ें। रजिस्ट्रेशन कोड अथवा पिन किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करें। डिवाइस में सुविधा उपलब्ध होने पर पासकी का भी इस्तेमाल करें। - लिंक्ड डिवाइसेज पर रखें नजर
व्हाट्सएप की लिंक्ड डिवाइसेज सेटिंग में जाकर समय-समय पर जांच करें कि आपका अकाउंट किन कंप्यूटर, लैपटॉप या अन्य डिवाइसेज से जुड़ा हुआ है। पुराने अथवा संदिग्ध डिवाइस को तत्काल लॉग आउट करें।
लिंक्ड लैपटॉप या डेस्कटॉप में ट्रोजन हॉर्स और मैलवेयर के जरिए साइबर हमलावर व्हाट्सएप या क्यूआर कोड तक अनधिकृत पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। - संवेदनशील चैट्स और ऐप को करें लॉक
महत्वपूर्ण अथवा संवेदनशील चैट्स के लिए चैट लॉक का इस्तेमाल करें और उन्हें फिंगरप्रिंट या फेस आईडी से सुरक्षित रखें। साथ ही व्हाट्सएप ऐप खोलने के लिए बायोमेट्रिक ऐप लॉक सक्रिय करें। लॉक की गई चैट्स के नोटिफिकेशन में मैसेज का कंटेंट भी दिखाई नहीं देता। - प्राइवेसी सेटिंग्स को रखें नियंत्रित
प्रोफाइल फोटो, अबाउट, लास्ट सीन/ऑनलाइन और स्टेटस जैसी जानकारियों को माय कॉन्टैक्ट्स तक सीमित रखें। ग्रुप में कौन आपको जोड़ सकता है, इसकी सेटिंग भी माय कॉन्टैक्ट्स अथवा माय कॉन्टैक्ट्स एक्सेप्ट के अनुसार तय करें। समय-समय पर व्हाट्सएप के प्राइवेसी चेकअप टूल का भी इस्तेमाल करें। - चैट बैकअप को भी दें सुरक्षा कवच
सेटिंग्स > चैट्स > चैट बैकअप में जाकर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड बैकअप सक्रिय करें। इसे पासवर्ड अथवा 64-अंकों की एन्क्रिप्शन की से सुरक्षित रखें। - संवेदनशील चैट्स में एडवांस्ड चैट प्राइवेसी ऑन करें
संवेदनशील चैट्स और ग्रुप्स के लिए एडवांस्ड चैट प्राइवेसी सुविधा को सक्रिय करें। इससे चैट एक्सपोर्ट, ऑटोमैटिक मीडिया सेविंग और मेटा एआई फीचर्स के लिए मैसेज के उपयोग से संबंधित सुरक्षा नियंत्रण बढ़ते हैं। - अनजान कॉल्स और फर्जी ऐप्स से रहें सावधान
स्पैम अथवा फ्रॉड कॉल्स से बचने के लिए साइलेंस अननोन कॉलर्स सुविधा ऑन रखें। कॉल के दौरान आईपी एड्रेस को छिपाने के लिए प्रोटेक्ट आईपी एड्रेस इन कॉल्स विकल्प को भी सक्रिय रखें।
राजस्थान पुलिस ने आमजन को सलाह दी है कि केवल ऑफिशियल व्हाट्सएप का इस्तेमाल करें। जीबी व्हाट्सएप जैसे किसी भी मॉडिफाइड अथवा क्लोन ऐप से बचें, क्योंकि ऐसे ऐप सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि व्हाट्सएप अकाउंट के साथ किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि, अनधिकृत एक्सेस अथवा साइबर ठगी की घटना होती है तो तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन/साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर संपर्क करें।

