जयपुर। नगर निगम जयपुर द्वारा अग्निसुरक्षा संबंधी मानकों एवं आमजन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों/संस्थानों पर लगातार कारवाई की जा रही है। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा के निर्देषानुसार उपायुक्त (फायर) प्रवीण कुमार के नेतृत्व में मुख्य अग्निषमन अधिकारी गौत्तमलाल की टीम द्वारा नगर निगम जयपुर ने अग्नि सुरक्षा मानकों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए गोपालपुरा बाईपास रोड़ स्थित कोटिल्य क्लासेस के भवन निरीक्षण एवं उपलब्ध लेखों के परीक्षण उपरान्त पाया गया कि उक्त भवन परिसर में आवष्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाऐं एवं फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है। जिसके लिये पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया किन्तु निर्धारित अवधि तक पालना नहीं की गई।

जनहित की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये उक्त संस्थान के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा संबंधी मानकों का उल्लंघन करने पर षिवालय क्लासेस गोपालपुरा बाईपास रोड़, KIBANA RESTAURANTS AND BANQUETS मानसरोवर एवं राॅयल रजवाड़ा रेस्टोरेट आमेर रोड़ को 180 दिवस या सक्षम प्राधिकारी के आदेष तक जो भी पहले हो सीज किया गया है। यह कार्रवाई राजस्थान नगरपालिकाएं अधिनियम, 2009 की धारा 194 की उपधारा (7)(एफ) के तहत की गई।
मुख्य अग्निषमन अधिकारी गौत्तमलाल ने बताया कि प्रतिष्ठान को पूर्व में अग्नि सुरक्षा प्रावधानों की पूर्ति कर आवश्यक अग्नि अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) प्राप्त करने का नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद प्रतिष्ठानों/संस्थानों द्वारा निर्धारित समयावधि में आवश्यक अनुपालना नहीं की गई।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि प्रतिष्ठान में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव है, जिससे वहां आने वाले नागरिकों, कर्मचारियों एवं संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। जनहित, मानव जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से 180 दिनों अथवा सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेश तक सीज कर दिया।
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटल, रेस्टोरेंट एवं सार्वजनिक भवन संचालकों से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें तथा समय पर आवश्यक फायर एनओसी प्राप्त करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। नगर निगम जयपुर जनहित एवं नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।


