जयपुर। भारत सरकार की डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन डिसेमिनेशन (DCID) योजना के अंतर्गत जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आधारभूत अवसंरचना विकास की जमीनी स्तर पर कवरेज के लिए राजस्थान से ओडिशा पहुंचे पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने आज पुरी जिले के प्रमुख पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों का दौरा किया।
प्रतिनिधिमंडल ने सर्वप्रथम विश्व धरोहर स्थल कोणार्क सूर्य मंदिर का भ्रमण किया। तेरहवीं शताब्दी में निर्मित कोणार्क सूर्य मंदिर ओडिशा की स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत का उत्कृष्ट उदाहरण है। गंग वंश के राजा नरसिंह देव प्रथम के शासनकाल में लगभग वर्ष 1250 में निर्मित यह मंदिर सूर्य देव को समर्पित है। मंदिर की वास्तुकला सूर्य देव के भव्य रथ के रूप में की गई है, जिसमें अलंकृत पहिए और उत्कृष्ट शिल्पकारी इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। मंदिर परिसर की स्थापत्य कला, नक्काशी और ऐतिहासिक महत्व के बारे में प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी गई।
इसके पश्चात पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने यूनेस्को से मान्यता प्राप्त विरासत शिल्प ग्राम रघुराजपुर का दौरा किया। रघुराजपुर अपने पारंपरिक पट्टाचित्र कला के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। उड़िया में ‘पट्टा’ का अर्थ कपड़ा या कैनवास और ‘चित्र’ का अर्थ पेंटिंग है। पट्टाचित्र के लिए कलाकार कपड़े की कई परतों को प्राकृतिक सामग्री की सहायता से तैयार कर हस्तनिर्मित कैनवास बनाते हैं। इन चित्रों में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग किया जाता है और इनके प्रमुख विषय पौराणिक एवं धार्मिक कथाओं तथा ओडिशा की पारंपरिक संस्कृति से जुड़े होते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय कलाकारों से संवाद कर पट्टाचित्र निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया और उनकी कला के बारे में जानकारी प्राप्त की।
पत्रकार दल ने पुरी के ब्लू फ्लैग प्रमाणित गोल्डन बीच का भी भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने समुद्र तट पर स्वच्छता, पर्यटक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण तथा तटीय पर्यटन के विकास से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गोल्डन बीच को प्राप्त ब्लू फ्लैग प्रमाणन के संदर्भ में यहां उपलब्ध स्वच्छता एवं पर्यटक सुविधाएं भी प्रतिनिधिमंडल के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं।
पत्रकार दल ने पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का भी दौरा किया और भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दर्शन किए। इस दौरान पत्रकार दल ने मंदिर की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं तथा इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। श्री जगन्नाथ मंदिर ओडिशा की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है।
DCID योजना के तहत आयोजित यह दौरा पत्रकारों को ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला, पर्यटन सुविधाओं तथा विकास कार्यों की जमीनी वास्तविकताओं से रूबरू कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे पत्रकारों को स्थानीय स्तर पर विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त हुई, जिसे वे अपने माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचा सकेंगे।
राजस्थान के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने कोणार्क सूर्य मंदिर, रघुराजपुर शिल्प ग्राम और पुरी के गोल्डन बीच का किया दौरा


