जयपुर। राजस्थान पुलिस की टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स (टीएएफ) के 9 कर्मियों ने फ्रांस-भारत नवाचार वर्ष 2026 के तहत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी), जयपुर में आयोजित फ्रांसीसी संगीत कार्यक्रम “ले वोयाज दे रेज़े” (Le Voyage de Rézé) में भाग लिया। ये कर्मी उस टीम का हिस्सा हैं, जिसे अलायंस फ्रांसेज़ जयपुर फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण दे रहा है। उद्देश्य फ्रेंच और फ्रैंकोफोन कलाकारों से संवाद करना और बहुभाषी संस्कृति के अनुभव का आनंद लेना था।
22 पुलिसकर्मियों को मिल रहा फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण
उल्लेखनीय है कि अलायंस फ्रांसेज़ जयपुर, टीएएफ के कुल 22 कर्मियों को फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण दे रहा है, ताकि वे राजस्थान आने वाले फ्रेंच और फ्रैंकोफोन पर्यटकों की बेहतर सहायता कर सकें।
“फ्रांस लाइव” श्रृंखला के तहत आयोजन

कार्यक्रम का आयोजन भारत में फ्रांस के दूतावास, फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया और अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर ने किया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और राजस्थान पत्रिका सांस्कृतिक सहयोगी तथा कुलिश स्कूल कार्यशाला सहयोगी रहा।
संगीत, कविता और लाइव चित्रकला का संगम
करीब 70 मिनट की इस प्रस्तुति में चार कलाकारों ने संगीत, कविता, चित्रकला और दृश्य माध्यमों का अनूठा समन्वय पेश किया। कलाकारों ने परिचित, विस्मृत और स्वयं रची गई धुनों के जरिए दर्शकों को संगीतमय यात्रा कराई। रेज़े ने गायन व गिटार, सोइफ्रां ने ताल वाद्य, एम्दे ने मंच पर लाइव चित्रांकन और क्रिस्तू ने चित्रों के रियल-टाइम प्रक्षेपण की जिम्मेदारी निभाई। प्रस्तुति फ्रेंच और अंग्रेजी में थी और 10 वर्ष व उससे अधिक आयु के दर्शकों के लिए अनुशंसित थी।
भारतीय कलाकारों के साथ जुगलबंदी
जामिंग सत्र में नीरजा मोदी स्कूल की सियाना, जो हुला-हूप नृत्य की सबसे कम उम्र की कलाकारों में शामिल हैं, और युवा मोरचंग व खड़ताल वादक ममता सापरा ने भी फ्रांसीसी कलाकारों के साथ प्रस्तुति दी। इसने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और संगीत की सार्वभौमिक भाषा का सुंदर उदाहरण पेश किया।
सांस्कृतिक संबंधों को मिलती नई मजबूती
भारत में फ्रेंच इंस्टीट्यूट के निदेशक ग्रेगोर ट्रूमेल ने कहा कि यह कार्यक्रम संगीत प्रस्तुति को ऐसे सामूहिक अनुभव में बदल देता है, जिसे कलाकार और दर्शक मिलकर रचते हैं। यही भावना फ्रांस-भारत नवाचार वर्ष का मूल उद्देश्य है। यह प्रस्तुति फ्रांस लाइव श्रृंखला और अलायंस फ्रांसेज़ नेटवर्क के सहयोग से भारत के नौ शहरों में दी जा रही है।
अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर की अध्यक्ष डॉ. टूलिका गुप्ता ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य फ्रांसीसी प्रदर्शन कलाओं को दर्शकों तक पहुंचाना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सभी के लिए सुलभ व निःशुल्क बनाए रखना है।
मुख्य अतिथि व विद्यार्थियों की भागीदारी
कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कॉलेज शिक्षा आयुक्त श्री नाथमल दीदेल मुख्य अतिथि रहे, जो वित्त (कराधान) विभाग में विशेष सचिव भी हैं। पूर्णिमा विश्वविद्यालय, जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय, द कुलिश स्कूल, द पैलेस स्कूल, इंडियन वुमेन इम्पैक्ट एनजीओ, राजस्थान पुलिस की टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स, आईआईसीडी, बिरला बालिका विद्यापीठ (पिलानी), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी और बिरला पब्लिक स्कूल (पिलानी) के विद्यार्थी व प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। समापन कलाकारों और दर्शकों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।


