नई दिल्ली। अभिषेक शर्मा के रिकॉर्ड सबसे तेज़ शतक की बदौलत भारत ने अफ़ग़ानिस्तान को तीसरे T20I में 127 रनों की बड़ी हार थमाते हुए 3-0 से सीरीज़ जीत ली। अभिषेक ने मात्र 30 गेंदों पर शतक जड़ा जो कि पूर्ण सदस्य देशों में किसी बल्लेबाज़ का सबसे तेज़ T20I शतक भी है। इस प्रारूप में यह रनों के अंतर से अफ़ग़ानिस्तान की सबसे बड़ी हार भी है।
अफ़ग़ानिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए आमंत्रित किया था और अभिषेक ने अपने चित परिचित अंदाज़ में शुरुआत से ही विपक्षी टीम पर धावा बोल दिया। पावरप्ले में भारत बिना विकेट खोए 100 रन बना चुका था जो कि T20I में पावरप्ले में भारत का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले भारत का इस अवधि में सर्वोच्च स्कोर एक विकेट पर 95 रन था जो कि उन्होंने 2025 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वानखेड़े में बनाया था।
हालांकि अभिषेक का आक्रमण पावरप्ले के बाद भी नहीं थमा और अफ़ग़ानिस्तान के गेंदबाज़ उनके सामने पूरी तरह से बेअसर नज़र आने लगे। पारी के महज़ 8.3 ओवर में अभिषेक ने अपना शतक पूरा कर लिया था जो कि T20I में किसी बल्लेबाज़ का शतक पूरा करने का दूसरा सबसे तेज़ मौक़ा है। तुर्की के मुहम्मद फ़हाद ने 2025 में बुल्गारिया के ख़िलाफ़ टीम की पारी के 7.5 ओवर में अपना शतक पूरा किया था।
34 गेंदों पर अभिषेक ने 11 छक्कों और नौ चौकों की मदद से 108 रन बनाए जिसमें 94.44 फ़ीसदी रन उन्होंने बाउंड्री के ज़रिए बनाए थे। इससे पहले बाउंड्री के लिहाज़ से T20I में किसी बल्लेबाज़ द्वारा बनाए गए रनों का सर्वाधिक प्रतिशत फ़हाद के ही नाम था। उन्होंने बुल्गारिया के ख़िलाफ़ 120 रनों की पारी में अपने 93.33 फ़ीसदी (112) रन बाउंड्री के ज़रिए बनाए थे।
10वें ओवर में अभिषेक जब राशिद ख़ान का शिकार बने तब तक भारत के स्कोरबोर्ड पर 142 रन जुड़ चुके थे और भारत 297 के अपने सर्वोच्च स्कोर की ओर बढ़ता नज़र आ रहा था। हालांकि इसके बाद अन्य बल्लेबाज़ अभिषेक द्वारा बनाए गए मोमेंटम को कैरी नहीं कर पाए।
अभिषेक के आउट होने के बाद इशान किशन की जगह तिलक वर्मा को बल्लेबाज़ी के लिए भेजा गया लेकिन राशिद के बेहतरीन थ्रो पर वह आउट हो गए। दूसरे छोर पर सैमसन ने अपना लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया लेकिन अर्धशतक बनाने के बाद वह भी पवेलियन लौट गए। लॉन्ग ऑफ़ पर राशिद ने उनका शानदार कैच लपका। इसके बाद भारत को नियमित अंतराल पर झटके लगते रहे।
किशन की बल्लेबाज़ी की बारी शिवम दुबे के रूप में भारत को चौथा झटका लगने के बाद आई। दुबे ने एक छक्का और एक चौका लगाने के साथ ही आक्रामक रुख़ अपनाया था लेकिन राशिद ने लॉन्ग ऑन पर एक और बेहतरीन कैच लपका।
भारत ने अपने तीन विकेट (तिलक, किशन और श्रेयस अय्यर) रन आउट के रूप में गंवाए और 20 ओवर की समाप्ति तक 221 रन ही बना पाया। हालांकि T20I में यह अरुण जेटली स्टेडियम पर संयुक्त तौर पर सर्वाधिक स्कोर था, इससे पहले भारत ने 2024 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भी इस मैदान पर 221 रन ही बनाए थे।
अफ़ग़ानिस्तान के सामने 222 रनों का बड़ा लक्ष्य था और अफ़ग़ानिस्तान ने आक्रामक शुरुआत भी की थी। लेकिन चौथे ओवर में अक्षर पटेल ने अफ़ग़ानिस्तान को रहमानुल्लाह गुरबाज़ और सेदिक़ुल्लाह अतल के रूप में दो बड़े झटके दिए। इसके बाद बुमराह ने अगले ओवर में दरवेश रसूली को भी चलता कर दिया।
अफ़ग़ानिस्तान पर एक बार फिर दबाव बन गया था और जल्द ही अर्शदीप सिंह की जगह यह मुक़ाबला खेल रहे यश ठाकुर ने इब्राहिम ज़दरान का भी शिकार कर लिया। अफ़ग़ानिस्तान ने इस मुक़ाबले में दो बदलाव किए थे; गुलबदीन नईब की जगह विकेटकीपर बल्लेबाज़ नूर रहमान और नूर अहमद की जगह अबदुल्लाह अहमज़ाई को मौक़ा दिया गया था।
नूर रहमान का यह पहला मुक़ाबला था और अक्षर के ख़िलाफ़ उन्हें दो जीवनदान भी मिले। लॉन्ग ऑफ़ पर तिलक से रहमान का आसान कैच छूटा और उसी ओवर में सैमसन ने स्टंपिंग का मौक़ा मिस कर दिया। हालांकि रहमान ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए और बिश्नोई ने नीतीश कुमार रेड्डी के हाथों उन्हें कैच आउट करा दिया।
अफ़ग़ानिस्तान 70 के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे लेकिन 12वें ओवर में रेड्डी ने तीन झटके देते हुए अफ़ग़ानिस्तान को हार के और भी क़रीब पहुंचा दिया। भारत की गेंदबाज़ी की शुरुआत रेड्डी ने ही की थी लेकिन अपने पहले ओवर में उन्होंने 15 रन दिए थे। हालांकि रेड्डी ने शानदार वापसी की और अपने तीसरे ओवर में उन्होंने मोहम्मद नबी, अज़मतउल्लाह ओमरज़ाई और मुजीब उर रहमान को चलता कर दिया। इसके बाद भारत के लिए जीत महज़ औपचारिकता ही रह गई थी।
अभिषेक के रिकॉर्ड शतक से भारत ने 3-0 से जीती सीरीज़


