नई दिल्ली। गॉल टेस्ट के आख़िरी दिन भारत जब गेंदबाज़ी करने उतरा, तो उनकी बस दो ही उम्मीदें थीं। पहला मौसम साफ़ रहे और दूसरा सोनल दिनुशा और कप्तान धनंजय डीसिल्वा की साझेदारी को वे जल्द से जल्द तोड़ पाए।
उनकी पहली उम्मीद तो पूरी हुई, जब रात भर बारिश के बाद पांचवें दिन की सुबह धूप खिली। लेकिन चौथे दिन नाबाद 37 रन की साझेदारी कर चुके दिनुशा और डीसिल्वा ने भारतीय गेंदबाज़ों को शुरुआती घंटे में विकेट लेने का कोई मौक़ा नहीं दिया। भारत ने रवींद्र जाडेजा के स्पिन और मोहम्मद सिराज की तेज़ गेंदबाज़ी से पांचवें दिन की शुरुआत की, लेकिन उन्हें पहली सफलता के लिए कम से कम 21 ओवरों का इंतज़ार करना पड़ा। इस दौरान कुलदीप यादव और मानव सुथार भी गेंदबाज़ी के लिए आए, लेकिन डिसिल्वा और दिनुशा के संघर्ष के आगे किसी की नहीं चली।
हां, एक-दो बार जाडेजा की गेंद भले ही डीसिल्वा के पैड पर लगी, लेकिन गेंद स्टंप की लाइन से बाहर जा रही थी। कुल मिलाकर दोनों ने सभी भारतीय गेंदबाज़ों को परेशान करते हुए अपना-अपना अर्धशतक पूरा किया और छठे विकेट के लिए 146 रनों की साझेदारी की। इस दौरान उन्होंने ना सिर्फ़ डिफ़ेंसिव रूख़ अपनाया, बल्कि ख़राब गेंद मिलने पर शॉट भी लगाए। यह साझेदारी तब टूटी, जब जाडेजा दिन के अपने दूसरे स्पेल के लिए आए और डीसिल्वा ने हवा में एक ख़राब स्वीप शॉट खेलकर स्क्वेयर लेग पर सुथार को कैच दे दिया।
इसके चार ओवर बाद प्रसिद्ध कृष्णा दिन में पहली बार गेंदबाज़ी करने आए और उन्होंने शॉर्ट गेंदों को अपना हथियार बनाया। पहली पारी में 80 रन बनाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज़ निरोशन डिकवेला ने शुरुआती पांच बाउंसर गेंदों को डक करके जाने दिया, लेकिन छठी गेंद से पहले स्क्वेयर लेग पर खड़े यशस्वी जायसवाल ने उनके साथ ज़ुबानी संघर्ष किया और अगली गेंद पर डिकवेला अपना संयम खो बैठे। लेग स्टंप की शॉर्ट गेंद को जगह बनाकर उन्होंने ऑफ़ साइड में कट करने की कोशिश की, लेकिन बाहरी किनारा लेकर गेंद कीपर के हाथ में चली गई।
लंच तक श्रीलंका ने सिर्फ़ दो ही विकेट गंवाए थे और दिनुशा एक छोर पर टिककर खेल रहे थे। ऐसा लग रहा था कि मैच तीसरे सत्र तक जा सकता है। लेकिन लंच के ठीक बाद सुथार ने वही किया, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। उन्होंने एक ही ओवर में तीन विकेट लेकर यह सुनिश्चित कर दिया कि मैच अब तीसरे सत्र में नहीं जाएगा। यह दूसरे टेस्ट में सुथार का दूसरा पंजा था।
सबसे पहले उन्होंने टिककर खेल रहे दिनुशा को लेग स्लिप में फंसाया और फिर अगली ही गेंद पर प्रभात जयसूर्या क्लीन बोल्ड थे। ओवर की आख़िरी गेंद पर अपने स्पिन एंड बाउंस से फंसाते हुए उन्होंने लाहिरू कुमारा को विकेट के पीछे कैच कराया।
अगले ओवर में केशरा नुवंता को क्लीन बोल्ड कर सुथार ने भारत की जीत की औपचारिकता को पूरा किया। पहली पारी में चार विकेट लेने वाले सुथार का यह पहला 10-विकेट हॉल था। हालांकि पहली पारी में 167 और दूसरी पारी में 44 रन बनाने वाले देवदत्त पड़िक्कल को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।
सुथार के पहले 10-विकेट हॉल से भारत को मिली 165 रनों की बड़ी जीत


