तीजोत्सव-2026 में राजस्थानी व्यंजनों ने मोहा दिल्लीवासियों का मन, संगीत प्रतियोगिता में दिखी लोक संस्कृति की झलक
डॉ ओपी यादव की रिपोर्ट-
नई दिल्ली। नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित ‘तीजोत्सव-2026’ राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और खान-पान की विरासत का आकर्षक केंद्र बन गया है। 24 अगस्त तक चल रहे इस उत्सव में दिल्लीवासियों को राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों के साथ लोक संगीत और सांस्कृतिक रंगों का अनुभव करने का अवसर मिल रहा है।

तीजोत्सव में राजस्थान के विभिन्न अंचलों के प्रसिद्ध व्यंजन विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, बाजरे की राबड़ी, मिर्ची बड़ा और कढ़ी-पकौड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ राजस्थान की प्रसिद्ध मिठाइयों और पकवानों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। घेवर, मिल्क केक और रबड़ी जैसे व्यंजन राजस्थान की विशिष्ट पाक परंपरा और मिठास से आगंतुकों को परिचित करा रहे हैं।
प्रमुख आवासीय आयुक्त रोहित कुमार ने कहा कि तीजोत्सव का उद्देश्य राजस्थान की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय राजधानी में व्यापक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थानी खान-पान केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपराओं, आतिथ्य और जीवनशैली की पहचान भी है। तीजोत्सव के माध्यम से राजस्थान की इसी विविध और समृद्ध विरासत को दिल्लीवासियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

लोक संगीत प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
तीजोत्सव को और अधिक जीवंत एवं मनोरंजक बनाने के लिए बुधवार को संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ राजस्थान सरकार के आवासीय आयुक्त रोहित कुमार, तमिलनाडु सरकार के आवासीय आयुक्त आशीष कुमार तथा राजस्थान फाउंडेशन के अध्यक्ष रामावतार किला ने किया।
प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और राजस्थानी लोकगीतों एवं पारंपरिक संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानपूर्वक पुरस्कार एवं उपहार प्रदान किए गए।
रोहित कुमार ने कहा कि बीकानेर हाउस में आयोजित तीजोत्सव राजस्थान की विविधता, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से लोगों को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से राजस्थान की संस्कृति को देश की राजधानी में नई पहचान और व्यापक दर्शक वर्ग मिलता है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया मेले का भ्रमण
बुधवार को तीजोत्सव में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पहुंचकर राजस्थान के व्यंजनों, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। मेले का भ्रमण करने वाले प्रमुख आगंतुकों में राहुल मलिक, आईपीएस, निदेशक, विदेश मंत्रालय; मोनालिसा दास, भारतीय वन सेवा, संयुक्त सचिव, आयुष मंत्रालय; राजेश परिहार, भारतीय विदेश सेवा तथा निष्ठा तिवारी, आईआरएस, निदेशक, गृह मंत्रालय शामिल रहे।
बीकानेर हाउस में सजा यह तीजोत्सव राजस्थान की परंपरा, स्वाद, संगीत और संस्कृति को एक ही मंच पर प्रस्तुत करते हुए दिल्लीवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।


