डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में संचालित ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ अभियान के तहत बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश व हनुमानगढ़ एसपी बी. आदित्य के नेतृत्व में पहल
जयपुरर। महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ अभियान तथा सितंबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाए जाने के क्रम में हनुमानगढ़ पुलिस ने गोगामेड़ी मेले में एक अनोखी पहल की है। महानिरीक्षक पुलिस बीकानेर रेंज ओमप्रकाश के निर्देशानुसार एवं जिला पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ बी. आदित्य के नेतृत्व में मेले में विशेष साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंच रहे लाखों श्रद्धालुओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
गोगामेड़ी मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी भौतिक सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा को भी प्राथमिकता देते हुए पुलिसकर्मी हेल्प डेस्क के माध्यम से सरल भाषा में साइबर अपराधों के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दे रहे हैं।
ऑनलाइन ठगी से लेकर डिजिटल अरेस्ट तक की दी जा रही जानकारी
साइबर हेल्प डेस्क पर श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड और फर्जी निवेश सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को विशेष रूप से समझा रहे हैं कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड अथवा बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
1930 और साइबर क्राइम पोर्टल की दी जा रही जानकारी
हेल्प डेस्क पर साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व को भी समझाया जा रहा है। पुलिसकर्मी बता रहे हैं कि साइबर फ्रॉड के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस ‘गोल्डन आवर्स’ में कार्रवाई होने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
श्रद्धालुओं को साइबर अपराध की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।
मोबाइल गुम होने के बाद की प्रक्रिया की भी जानकारी
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मोबाइल गुम होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। हेल्प डेस्क पर पुलिसकर्मी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराने से लेकर मोबाइल का आईएमईआई ब्लॉक करवाने तक की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन दे रहे हैं।
पोस्टर और पम्पलेट से गांव-गांव तक पहुंचेगा साइबर सुरक्षा संदेश
साइबर जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए मेले में विभिन्न स्थानों और वाहनों पर साइबर अपराधों से बचाव संबंधी पोस्टर लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं को जागरूकता पम्पलेट भी वितरित किए जा रहे हैं, ताकि वे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को भी साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक कर सकें।
साइबर जागरूकता प्रदर्शनी में समझाए जा रहे ठगी के तरीके
साइबर हेल्प डेस्क को विशेष साइबर जागरूकता प्रदर्शनी के रूप में तैयार किया गया है। यहां अलग-अलग तरह के साइबर फ्रॉड, उनके तरीके और बचाव के उपायों से संबंधित पोस्टर एवं अन्य जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई है।
इसके साथ ही स्क्रीन के माध्यम से साइबर अपराधों से बचाव संबंधी वीडियो भी दिखाए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालु साइबर ठगी के नए तरीकों को आसानी से समझ पा रहे हैं और उनसे बचने के उपाय जान रहे हैं।
‘मैं हूं साइबर अपराध के प्रति जागरूक’ सेल्फी स्टैंड भी बना आकर्षण
जागरूकता अभियान को रोचक और सकारात्मक बनाने के लिए हेल्प डेस्क पर विशेष सेल्फी स्टैंड भी लगाया गया है। इस पर ‘मैं हूं साइबर अपराध के प्रति जागरूक’ स्लोगन अंकित है। श्रद्धालु इसके साथ सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश अपने साथ ले जाने के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी परिवार और परिचितों तक पहुंचा रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने की पहल की सराहना
गोगामेड़ी मेले में हनुमानगढ़ पुलिस की इस पहल को श्रद्धालुओं और आमजन की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। साइबर हेल्प डेस्क, जागरूकता प्रदर्शनी, पम्पलेट वितरण और सेल्फी स्टैंड के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की लोग सराहना कर रहे हैं।


