नई दिल्ली। भारत ने लगातार सात T20I मैचों में जीत से वंचित रहने के बाद अब इस प्रारूप में जीत की हैट्रिक लगा दी है। हरारे में खेले गए अंतिम मुक़ाबले में ज़िम्बाब्वे को 35 रनों से हराते हुए भारत ने क्लीन स्वीप पूरा किया है। वैभव सूर्यवंशी (81) की शानदार पारी की बदौलत भारत ने 192 रन बनाए थे जिसके जवाब में ज़िम्बाब्वे केवल 157/7 का स्कोर ही बना सकी।
बड़े स्कोर का पीछा करने उतरी ज़िम्बाब्वे को पहली ही गेंद पर मयंक यादव ने झटका दिया और सीरीज़ में दूसरी बार पहली गेंद पर ब्रायन बेनेट का शिकार किया। इसके बाद चौथे ओवर में यश ठाकुर ने लगातार गेंदों पर दो विकेट निकाले जिसमें ज़िम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रज़ा भी शामिल थे जो गोल्डन डक पर वापस लौटे। हालांकि, नए बल्लेबाज़ रायन बर्ल ने हैट्रिक नहीं होने दिया और चौके के साथ अपनी पारी की शुरुआत की। बर्ल के आक्रमण से ही ज़िम्बाब्वे ने पावरप्ले में तीन विकेट गंवाने के बावजूद 53 रन बना लिए थे।
ओपनर बल्लेबाज़ बेन करन लगातार संघर्ष कर रहे थे और रन नहीं बना पा रहे थे। बर्ल और करन के बीच चौथे विकेट के लिए 21 गेंदों में 31 रनों की साझेदारी हुई, लेकिन करन ने 12 गेंदों में केवल 12 रन बनाए। 19 गेंदों में 20 रन बनाकर वह 65 के स्कोर पर पवेलियन लौटे। बर्ल ने इसके बाद वेस्ली मधेवेरे के साथ पांचवें विकेट के लिए 44 गेंदों में अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की और ज़िम्बाब्वे के संघर्ष को जारी रखा। मधेवेरे (28) को आउट करते हुए मयंक ने 16वें ओवर में 60 रनों की इस साझेदारी का अंत किया।
18वें ओवर की पहली गेंद पर तडिवनाशे मारुमानी को क्लीन बोल्ड करते हुए अशोक शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला विकेट हासिल किया। ज़िम्बाब्वे की टीम हार के क़रीब पहुंच ही चुकी थी, लेकिन 19वें ओवर की आख़िरी गेंद पर बर्ल ने 42 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया। यहां से केवल औपचारिकता ही बाक़ी थी और आख़िरी ओवर में मयंक को एक और सफलता मिली। वह तीन विकेट लेकर सबसे सफल भारतीय गेंदबाज़ रहे।
इससे पहले सीरीज़ के लगातार तीसरे मैच में अभिषेक शर्मा का बल्ला नहीं चला और तेज़ गेंदबाज़ ब्लेसिंग मुज़ाराबानी ने उन्हें लगातार तीसरी बार अपना शिकार बनाया। 20 रनों के स्कोर पर ही भारत ने अपना पहला विकेट गंवा दिया था, इसके बावजूद युवा सनसनी सूर्यवंशी का बल्ला नहीं रुका और उन्होंने लगातार जिम्बाब्वे के गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ आक्रमण किया। सूर्यवंशी ने चौके के साथ ही पारी की शुरुआत की थी और पहले ओवर में दो चौके लगाकर अपने इरादे साफ़ कर दिए थे।
अभिषेक के आउट होने के बाद चौथे ओवर में सूर्यवंशी ने मुज़ाराबानी को एक छक्का और एक चौका लगाया। पांचवें ओवर में फिर उन्होंने दो चौके जड़े और पावरप्ले का अंत भी चौके के साथ ही किया। शुरुआत में सूर्यवंशी काफ़ी सूझबूझ के साथ बल्लेबाज़ी करते हुए दिखाई दिए। सूर्यवंशी ने पारी के 10वें ओवर में 31 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया जो उनकी बल्लेबाज़ी शैली के एकदम विपरीत है। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए इशान किशन (29) के साथ 50 गेंदों में 75 रनों की शानदार साझेदारी करके भारतीय पारी को संभाला।
13वें ओवर में उन्होंने रज़ा के ख़िलाफ़ 102 मीटर लंबा छक्का लगाते हुए ये संकेत दिया कि वह फ़िलहाल रुकने वाले नहीं हैं। हालांकि, मधेवेरे के ख़िलाफ़ 15वें ओवर की आख़िरी गेंद पर उन्होंने एक बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की और लपक लिए गए। 81 रनों की अपनी पारी में सूर्यवंशी ने 49 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और चार छक्के लगाए। 145 के स्कोर पर तीसरा विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम आसानी से 200 के पार जाती दिख रही थी। वह आउट होने से पहले श्रेयस अय्यर के साथ 29 गेंदों में 50 रन जोड़ गए थे।
हालांकि, इसके बाद भारत को एक और आवश्यक तेज़ पारी नहीं मिल पाई और टीम केवल 192 का स्कोर ही बना सकी। 18वें ओवर की पहली गेंद पर श्रेयस अय्यर (27) के आउट होने के बाद स्थिति काफ़ी विकट लग रही थी, लेकिन रिंकू सिंह ने 14 गेंदों में 25 रनों की पारी खेलते हुए भारत को 200 के क़रीब पहुंचाया था।
सूर्यवंशी, मयंक की बदौलत भारत ने 3-0 से किया क्लीन स्वीप

