नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी की ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी और जोफ़्रा आर्चर की बेहतरीन गेंदबाज़ी ने काफ़ी आसानी से राजस्थान रॉयल्स (RR) को IPL 2026 के क्वालीफ़ायर 2 में पहुंचा दिया, जहां उनका सामना गुजरात टाइटंस से होगा। एलिमिनेटर में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए RR ने सनराइज़र्स हैदराबाद (SRH) के सामने 244 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा किया था। जवाब में SRH की टीम सिर्फ़ 196 रन सिमट गई।
RR की इस जीत में सूर्यवंशी ने 29 गेंदों में 97 रनों की पारी खेली। वहीं ध्रुव जुरेल ने 21 गेंदों में 50 रन बनाए और गेंदबाज़ी में जोफ़्रा आर्चर ने 55 रन देकर अभिषेक शर्मा (पहले ओवर में), इशान किशन और ट्रेविस हेड का अहम विकेट निकाला।
टॉस हार कर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए RR की टीम ने कमाल की शुरुआत की। सूर्यवंशी ने पहले ओवर की आख़िरी गेंद पर पैट कमिंस के ख़िलाफ़ सीधा और लंबा सिक्सर लगाते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि वह फिर से बेहतरीन लय में हैं। तीसरे ओवर में उन्होंने कमिंस के ख़िलाफ़ एक चौका और तीन छक्के लगाए। इसके अगले ओवर में उन्होंने साकिब हुसैन के ख़िलाफ़ भी तीन छक्के लगाए।
16 गेंदों में उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। यह IPL प्लेऑफ़ या नॉकआउट मुकाबलों में संयुक्त रूप से सबसे तेज़ अर्धशतक है। सुरेश रैना ने भी 2014 के क्वालीफ़ायर 2 में किंग्स इलेवन पंजाब के ख़िलाफ़ 16 गेंदों में अर्धशतक बनाया था।
उनकी इस आक्रामक पारी का परिणाम यह था कि RR ने पावरप्ले में 80 रन बनाए। इसके बाद भी सूर्यवंशी का प्रहार जारी रहा। 28 गेंदों पर वह 97 तक पहुंच चुके थे। ऐसा लगा कि एक और रिकॉर्ड शतक सिर्फ़ एक कदम दूर है, लेकिन प्रफ़ुल हिंगे की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट लगाने के प्रयास में वह आउट हो गए।
इसके बाद जुरेल ने तेज़ी से रन बटोरने का प्रयास किया और सिर्फ़ 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। लेकिन अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए। कप्तान पराग ने 12 गेंदों में 26 रन बनाए। 15 ओवर के बाद RR की टीम 207 के स्कोर तक पहुंच चुकी थी और उनके सिर्फ़ तीन ही विकेट गिरे थे। लेकिन अगले पांच ओवर में सिर्फ़ 36 रन बने और पांच विकेट गिरे।
इस सीज़न में 35 बार टीमों ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 200 से अधिक का स्कोर बनाया है, लेकिन उसमें उनका जीत-हार का रिकॉर्ड महज़ 19-16 का रहा। साथ ही SRH की टीम ने इस सीज़न नौ बार 200 से अधिक का स्कोर बनाया था, जिसके कारण इस बात की उम्मीद थी कि SRH 244 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य के सामने भी अच्छी लड़ाई लड़ेगा।
आर्चर ने दूसरी पारी की दूसरी ही गेंद पर लगभग 150 की गति वाली बाउंसर डाली और अभिषेक हुक करने के प्रयास में कीपर को कैच दे बैठे। इस सीज़न पारी के पहले ओवर में यह आर्चर का सातवां शिकार था। इसके बाद किशन ने आर्चर के ख़िलाफ़ अच्छा काउंटर अटैक किया, लेकिन वह ज़्यादा देर तक नहीं चला। पहला विकेट गिरने के बाद किशन ने आर्चर की सात गेंदों का सामना करते हुए 13 रन बनाए, लेकिन उसके बाद आर्चर ने फिर से 150 की गति वाली गेंद डाली और उसे ऑफ़ साइड में उठा कर मारने के प्रयास में किशन आउट हो गए। इसके बाद आर्चर ने इसी गति की गेंद के साथ हेड को भी आउट किया।
SRH की टीम ने सिर्फ़ 2.4 ओवर में ही एक विकेट के नुक़सान पर 51 रन बना लिए थे। लेकिन किशन के विकेट के बाद विकेटों का पतझड़ आ गया। परिणाम यह रहा कि 81 के स्कोर तक आधी टीम पवेलियन लौट गई थी। इसके बाद SRH की टीम कभी वापसी नहीं कर पाई।
सूर्यवंशी और आर्चर ने RR को क्वालीफ़ायर-2 में पहुंचाया


