भीलवाड़ा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सख्त आदेशों के बाद भीलवाड़ा जिले में वायु प्रदूषण फैला रहे वाले ईंट भट्टे आगामी 1 जून से पूरी तरह बंद हो जाएंगे। एनजीटी के आदेशानुसार अब इन भट्टों में 1 जून से लेकर 30 नवंबर तक किसी भी प्रकार की आग जलाने की अनुमति नहीं होगी। भट्टों पर ईंट निर्माण का काम अब पूरी तरह बंद हो जाएगा। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी ईंट भट्टा संचालकों को नियमों की कड़ाई से पालना करने की सख्त हिदायत दी है। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक घनेटवाल ने बताया कि भीलवाड़ा जिले में वर्तमान में करीब 160 चिमनी वाले ईंट भट्टे संचालित हैं। 31 मई की रात 12 बजे से भट्टों में संचालन और किसी भी प्रकार की आग जलाने से जुड़ी समस्त गतिविधियां पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। ये भट्टे 1 दिसंबर से 31 मई तक ही संचालित किए जा सकेंगे।
प्रदूषण मंडल ने साफ किया है कि जिन ईंट भट्टा इकाइयों के पास वैध संचालन सहमति है, वे भी तय समय-सीमा के बाद संचालन नहीं कर सकेंगी। यदि 1 जून से 30 नवंबर के बीच किसी भी भट्टे में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिले में संचालित ईंट भट्टों पर आग जलाने की प्रक्रिया पर सख्ती से रोक लगने पर जिले में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
भीलवाड़ा में 1 जून से बंद होंगे ईंट भट्टे, वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए लागू हुआ प्रतिबंध


