जयपुर। सीआईडी क्राइम ब्रांच पुलिस मुख्यालय की स्पेशल टीम ने वांछित और आदतन अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में गठित टीम ने अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी अभयराज उर्फ दानव को जयपुर के राजा पार्क इलाके से सफलतापूर्वक दस्तयाब कर लिया है। अलवर के इस सनसनीखेज जानलेवा हमले के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक अलवर द्वारा 10,000 रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया था।
घटनाक्रम के अनुसार 30 अगस्त 2023 की रात करीब 10:30 बजे परिवादी हरनेक सिंह उर्फ पप्पी और उसका चचेरा भाई प्रदीप सिंह उर्फ मांगली मोटरसाइकिल से नंगली सर्किल से त्रिपोलिया मंदिर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी अभयराज और उसके साथी अप्पू राजा ने अपनी मोटरसाइकिल से टक्कर मारकर उन्हें गिराने का प्रयास किया। जान बचाने के लिए जब प्रदीप सिंह पुरुषार्थी धर्मशाला की तरफ भागा, तो वहां पहले से ही हथियारों से लैस प्रवीण गुर्जर, केतन मीणा, अनुराग मीणा, राज यादव और अन्य बदमाशों ने उसे घेर लिया और जान से मारने की नियत से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान पीछे से आए मुख्य आरोपी अभयराज ने तलवार से प्रदीप के सिर पर सीधा वार किया, जिसे हाथ से रोकने पर पीड़ित के हाथ में गंभीर फ्रैक्चर और गहरी चोटें आईं। बदमाश पीड़ित को मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए थे, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में सोलंकी हॉस्पिटल अलवर में भर्ती कराया गया था।
चूंकि आरोपी बेहद शातिर और आदतन अपराधी प्रवृत्ति का है, इसलिए पुलिस मुख्यालय की अपराध शाखा ने इसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। उप महानिरीक्षक पुलिस श्रीमती राशि डोगरा डूडी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा अग्रवाल के सुपरविजन तथा उप निरीक्षक श्री शैलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में इस विशेष धरपकड़ अभियान को ‘ऑपरेशन दानव’ नाम दिया गया।
वारदात के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र बस्सी में छिपकर लगातार अपनी फरारी काट रहा था। सीआईडी सीबी की पूरी स्पेशल टीम लगातार 1 महीने से आरोपी के इन सभी संभावित ठिकानों और उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही थी।
एक महीने की रेकी के बाद राजापार्क इलाके से पकड़ा
इसी दौरान टीम के सदस्यों को तकनीकी विश्लेषण और हेड कांस्टेबल कृष्ण गोपाल शर्मा व अरुण कुमार शर्मा के जरिए पुख्ता इनपुट मिला कि आरोपी अभयराज उर्फ दानव जयपुर के राजा पार्क इलाके में अपनी पहचान छिपाकर रुका हुआ है। इस सटीक सूचना पर सीआईडी (सीबी) की टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई व गहन पूछताछ के लिए अलवर शहर के थाना कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
2019 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय
गिरफ्तार आरोपी अभयराज उर्फ दानव निवासी दहमी थाना बहरोड का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद संगीन और काफी पुराना है। साल 2019 में अलवर शहर के कोतवाली और अरावली विहार थाने में इसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखने तथा गंभीर मारपीट के अलग-अलग प्रकरण दर्ज हुए थे। इसके बाद साल 2020 में झुंझुनू जिले के खेतड़ी थाना क्षेत्र में लीज विवाद को लेकर हुए भयंकर पथराव और अंधाधुंध फायरिंग में एक 30 वर्षीय युवक की हत्या करने का भी यह मुख्य आरोपी रहा है।
उपनिरीक्षक शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल कृष्ण गोपाल शर्मा एवं अरुण कुमार शर्मा की विशेष भूमिका और सहायक उप निरीक्षक शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल राम अवतार मीना और करणी सिंह की तकनीकी भूमिका रही, वहीं टीम के सदस्य सहायक उप निरीक्षक दुष्यंत सिंह, हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह, शाहिद अली, बृजेश शर्मा, कुलदीप सिंह, कांस्टेबल सोहनदेव, नरेश कुमार व संजय कुमार का सराहनीय योगदान रहा।
ऑपरेशन दानव’ सफल: हत्या, फायरिंग और गैंगवार का आरोपी 10 हजार इनामी सीआईडी के शिकंजे में


