जयपुर। महानिदेशक/महानिरीक्षक पुलिस सम्मेलन 2025 की महत्वपूर्ण अनुशंसाओं की पालना में राजस्थान पुलिस ने महिला अत्याचार एवं पोक्सो अधिनियम के तहत गंभीर प्रकरणों में त्वरित अनुसंधान कर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराध करने वाले अपराधियों को माननीय न्यायालयों द्वारा आजीवन कारावास और 20-20 वर्ष के कठोर कारावास जैसी ऐतिहासिक सजाएं सुनाई गई हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा इन फैसलों को सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से आमजन तक प्रसारित किया जा रहा है, ताकि अपराधियों में कानून का भय और समाज में सुरक्षा का संदेश दिया जा सके।
- जिला जैसलमेर: मासूमों से दरिंदगी करने वालों को अंतिम सांस तक जेल
● प्रकरण 1 (थाना नाचना): जैसलमेर पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता की मिसाल पेश करते हुए 03 वर्षीय मासूम बालिका से दुष्कर्म के मामले में अद्वितीय तत्परता दिखाई। पुलिस ने मात्र 10 दिनों में अनुसंधान पूर्ण कर घटना के 18वें दिन ही न्यायालय में चालान पेश किया। इसके फलस्वरूप माननीय न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास और 5,000 रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया।
● प्रकरण 2 (थाना सांकड़ा): 5 वर्षीय मासूम बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर सुनसान मकान में ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले 48 वर्षीय आरोपी पुरुषोत्तम को माननीय पोक्सो कोर्ट ने त्वरित सुनवाई करते हुए आजीवन कारावास (मरते दम तक जेल) की सजा सुनाई है।
● प्रकरण 3 (थाना फलसुंड): नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और अनैतिक कार्य की आशंका के मामले में पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई। माननीय न्यायालय ने आरोपी को 03 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। - जिला जालोर: पोक्सो एक्ट के आरोपियों को 20-20 साल की जेल
● प्रकरण 4 (थाना झाब): नाबालिग पीड़िता को शौच जाते समय बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और बलात्कार करने के गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाया गया। माननीय न्यायालय ने पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी को 20 साल की कठोर सजा सुनाई।
● प्रकरण 5 (थाना झाब): स्कूल जा रही नाबालिग बच्ची का मोटरसाइकिल पर अपहरण करने, जबरन घर ले जाकर वीडियो वायरल करने और ब्लैकमेल करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस की मजबूत पैरवी से न्यायालय ने दोषी को 20 साल की सजा से दंडित किया।
● प्रकरण 6 (थाना बागरा): नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले मे माननीय न्यायालय ने दोषी आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50,000 रुपये अर्थदण्ड की भारी सजा से दंडित किया। - जिला श्रीगंगानगर: दहेज लोभियों को उम्रकैद, चुकाना होगा भारी जुर्माना
● प्रकरण 7 (थाना सदर): दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसकी हत्या करने के मामले में माननीय विशिष्ट न्यायाधीश, महिला एवं दहेज उत्पीड़न कोर्ट ने मुख्य आरोपी राकेश कुमार और सह-आरोपी महावीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही मुख्य आरोपी और सह-आरोपी पर 1-1 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। - जिला धौलपुर: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी सलमान को 20 वर्ष की कड़ी सजा
● प्रकरण 8 (महिला थाना धौलपुर): नाबालिग बालिका के साथ जबरन बलात्कार करने के मामले में पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ केस पेश किया। पुलिस की पुख्ता गवाही के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी सलमान उर्फ लबेदू पुत्र स्व. इलियास को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 6,500 रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित कर जेल भेजा। - जिला जयपुर ग्रामीण: दो दोषियों को 20-20 वर्ष की सजा और भारी जुर्माना
● प्रकरण 9 (थाना गोविन्दगढ़): नाबालिग लड़की को मोटरसाइकिल पर बैठाकर होटल में ले जाकर, डरा-धमकाकर बलात्कार करने के मामले में कोर्ट ने सबसे कड़ा रुख अपनाया। माननीय पोक्सो कोर्ट जयपुर ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए आरोपी विकास कुमार स्वामी को 20 वर्ष की सजा और 1.75 लाख रुपये के भारी जुर्माने की सजा सुनाई।
● प्रकरण 10 (थाना अमरसर): नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस की मजबूत केस डायरी के चलते आरोपी को बच निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। माननीय न्यायालय ने आरोपी मोहन लाल कुमावत को 20 वर्ष के कठोर कारावास व जुर्माने से दंडित किया।
राजस्थान पुलिस द्वारा महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी पैरवी लगातार जारी है। युवाओं को कानूनों के प्रति सजग करना, बालिकाओं में सुरक्षा का भाव पैदा करना और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना है, यही राजस्थान पुलिस का ध्येय है। राजस्थान पुलिस का यह “जीरो टॉलरेंस” अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।


