जयपुर। लघु उद्योग भारती, राजस्थान द्वारा शुक्रवार को जयपुर स्थित सेवा सदन, सहकार मार्ग पर “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023” विषय पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के विभिन्न महिला इकाइयों से जुड़ी 50 से अधिक महिला उद्यमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती अंजू सिंह ने कहा, “भारत सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह अधिनियम लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है, जिससे नीति-निर्माण में महिलाओं की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी का मार्ग प्रशस्त होगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश की उद्यमी और कामकाजी महिलाओं को भी सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

लघु उद्योग भारती, जयपुर प्रान्त की संयुक्त महासचिव श्रीमती रितु अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय “महिला विकास” से आगे बढ़कर “महिला-नेतृत्व विकास” की अवधारणा को सशक्त रूप देता है। यह कदम भारतीय संस्कृति की उस मूल भावना को भी साकार करता है, जिसमें नारी को सम्मान और समानता का स्थान दिया गया है।”
श्रीमती वैशाली वशिष्ठ, अध्यक्षा, जगतपुरा महिला इकाई, लघु उद्योग भारती ने कहा, “राजनीति में बढ़ती महिला भागीदारी समाज में सकारात्मक संदेश देगी, जिससे अधिक महिलाएँ व्यवसाय, नौकरी और नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे आएँगी। स्थानीय स्तर पर महिला नेतृत्व से स्वयं सहायता समूह (SHG), कुटीर उद्योग और कृषि-आधारित उद्यमों को नई दिशा मिलेगी।”
श्रीमती रमा अग्रवाल, अध्यक्षा, जयपुर सेंट्रल इकाई ने कहा, “कार्यस्थल पर सुरक्षा, मातृत्व लाभ, समान वेतन और कार्य-जीवन संतुलन जैसे मुद्दों पर अधिक प्रभावी कानून और निर्णय संभव होंगे।”
श्रीमती सारिका त्रिपाठी, अध्यक्षा, वैशाली नगर इकाई ने कहा, “महिला प्रतिनिधित्व बढ़ने से व्यवसाय, स्टार्टअप, लघु उद्योग और स्वरोजगार से जुड़ी नीतियों में महिलाओं की आवश्यकताओं को बेहतर स्थान मिलेगा। महिला उद्यमियों के लिए ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण और बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने वाली योजनाओं को अधिक प्राथमिकता मिलेगी।”
लघु उद्योग भारती, जयपुर प्रान्त की कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती रचिता अगनानी जी अपने उद्बोधन में कहा, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने, उनके नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। इससे देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान अवसर प्राप्त होंगे और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।”
अंत में वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला उद्यमियों, लघु उद्योगों और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार भी खोलेगा।
प्रेस वार्ता में लघु उद्योग भारती, राजस्थान के अन्य सम्मानित पदाधिकारियों में महासचिव सुधीर गर्ग, उपाध्यक्ष नटवर लाल अजमेरा, महेंद्र खुराना तथा कोषाध्यक्ष अरुण जाजोदिया भी उपस्थित रहे।


