जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल को याद करना चाहिए, जब राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था का पूरी तरह मजाक बना दिया गया था। कांग्रेस शासन में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और सरकार मूकदर्शक बनी रही। राठौड़ ने कहा कि जिनके स्वयं के घर कांच के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते। कांग्रेस शासन में 17 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन तत्कालीन सरकार ने न तो निष्पक्ष जांच करवाई और न ही दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि रीट-2021 भर्ती परीक्षा में शिक्षा संकुल से पेपर चोरी होने जैसी गंभीर घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी। कांग्रेस सरकार ने स्वयं माना कि पेपर लीक हुआ, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से केवल एक लेवल की परीक्षा रद्द की गई, जबकि दूसरे लेवल का परिणाम जारी कर नियुक्तियां दे दी गईं। यह युवाओं के प्रति कांग्रेस सरकार की दोहरी नीति और असंवेदनशीलता का सबसे बड़ा उदाहरण था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि एसआई भर्ती परीक्षा भी कांग्रेस शासनकाल में हुई थी, लेकिन उस समय पेपर लीक तक स्वीकार नहीं किया गया और परीक्षार्थियों को नियुक्तियां तक दे दी गईं। जबकि वर्तमान में एनटीए ने परीक्षा में अनियमितता की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द कर दी और नई परीक्षा तिथि भी घोषित कर दी। उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। हालिया मामला केरल से जुड़ा था, जिसके बाद इसे देशभर में वायरल किया गया। मामले की सीबीआई जांच चल रही है और केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान आरएएस भर्ती प्रक्रिया में भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे। डोटासरा के परिजनों को साक्षात्कार में अन्य योग्य अभ्यर्थियों से अधिक अंक दिए जाने के मामले पर पूरे प्रदेश में चर्चा हुई थी। कांग्रेस सरकार ने उस समय पारदर्शिता और निष्पक्षता की बात नहीं की, लेकिन आज युवाओं के नाम पर राजनीति करने का प्रयास कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने कांग्रेस द्वारा जेपीसी जांच की मांग पर कहा कि मोदी सरकार में जांच एजेंसियां स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कार्य करती हैं। जब सीबीआई जांच कर रही है तो जेपीसी की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस के शासनकाल में जांच एजेंसियों पर दबाव बनाया जाता था, लेकिन आज एजेंसियां स्वतंत्र होकर काम कर रही हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता एनटीए को “नॉन ट्रस्ट एजेंसी” कह रहे हैं, तो फिर ट्रस्ट किस पर किया जाए, गहलोत, डोटासरा या पायलट पर। एनटीए लगातार देशभर में सफलतापूर्वक परीक्षाएं आयोजित कर रही है। पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर राजनीति और बयानबाजी करने के बजाय दोषियों पर कार्रवाई का समर्थन होना चाहिए। भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जैसे ही अनियमितता की जानकारी सामने आई, केंद्र सरकार और एनटीए ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। दोषियों की गिरफ्तारी शुरू हो गई और पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने केवल कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ऐतिहासिक और नीतिगत फैसले भी लिए हैं।
भाजपा सरकार का उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि युवाओं का विश्वास मजबूत करना है : मदन राठौड़


