देश के अन्नदाताओं का सम्मान, हमारी कृषि नीतियों को वैश्विक मान्यता की पहचान – संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल
जयपुर। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने गुरूवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यूएन की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन के महानिदेशक क्यू डोंगयु द्वारा इस संस्था के रोम (इटली) स्थित मुख्यालय के ऐतिहासिक प्लेनरी हॉल में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान एग्रिकोला मेडल से सम्मानित करना देश के करोड़ों अन्नदाताओं का सम्मान है। यह भारत की सुदृढ़ होती कृषि नीतियों को वैश्विक स्तर पर मान्यता और सम्मान है, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत् विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में हमारे अटूट संकल्प को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री के उन असाधारण प्रयासों को मान्यता देता है, जिन्होंने देश से भुखमरी समाप्त करने, गरीबी कम करने तथा सभी के लिए खाद्य सुरक्षा व पोषण सुनिश्चित करने में मील का पत्थर स्थापित किया है।
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि एफएओ के महानिदेशक क्यू डोंगयु ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने कृषि उत्पादकता को बढ़ाने के साथ-साथ करोड़ों किसानों के जीवन स्तर और उनकी आजीविका में व्यापक सुधार किया है।
कोविड-19 महामारी के बाद से लगभग 80 करोड़ लोगों को निरंतर सहायता प्रदान करने वाले दुनिया के सबसे बड़े खाद्य एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ की वैश्विक स्तर पर सराहना की गई है। देश के 11 करोड़ से अधिक किसानों को ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के माध्यम से प्रदान की गई सीधी आय सहायता, वित्तीय समावेशन और रीजनरेटिव व नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों को दुनिया के लिए एक मॉडल बताया गया है।
भारत ने अपनी जी—20 प्रेसीडेंसी के दौरान वैश्विक एजेंडे में एग्रीफूड सिस्टम्स और ग्रामीण विकास को प्रमुखता से शामिल करवाया। भारत द्वारा शुरू की गई कई फ्लैगशिप पहलों के व्यापक स्तर और उनके सकारात्मक प्रभाव की विश्वभर में प्रशंसा की गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिला एफएओ का सर्वोच्च सम्मान ‘एग्रीकोला मैडल’


