जल संरक्षण संरचनाओं का विकास, वर्षा जल संचयन तथा भू-जल पुनर्भरण के होंगे कार्य
जयपुर। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (MJSA) 2.0 के तहत जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन कार्यों को गति देने के लिए द्वितीय एवं तृतीय चरण के लिए 688.28 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियाँ जारी की हैं। अभियान के द्वितीय चरण के लिए जल संरक्षण उपकर निधि (Water Conservation Cess Fund) से 488.28 करोड़ रुपये तथा तृतीय चरण के लिए राज्य निधि प्रावधान से 200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर जारी की गई है।अभियान के तहत अब तक कुल 988.28 करोड़ रुपये जारी—जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग की निदेशक एवं पदेन विशिष्ट शासन सचिव श्रीमती कल्पना अग्रवाल ने बताया कि जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तहत प्रदेशभर में जल संरक्षण, जलग्रहण विकास, भू-संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को व्यापक स्तर पर क्रियान्वित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 688.28 करोड़ की राशि जारी कर अभियान को नई गति दी गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के द्वितीय चरण के लिए इससे पूर्व भी 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इस प्रकार राज्य सरकार द्वारा अभियान के तहत अब तक विभिन्न चरणों में 988.28 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। अभियान के द्वितीय चरण के लिए अब अतिरिक्त 488.28 करोड़ रुपये जारी होने से अभियान को और अधिक मजबूती मिलेगी। यह राशि Water Conservation Cess Committee की स्वीकृति के बाद जारी की गई है। राज्य सरकार द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि इस निधि से किए गए कार्यों का पृथक लेखा रखा जाएगा तथा प्रगति विवरण समिति को प्रस्तुत किया जाएगा।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तृतीय चरण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर 33 जिलों के परियोजना प्रबंधकों के निजी निक्षेप खातों में हस्तांतरित किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।नवगठित जिलों को भी मिलेगा लाभ—श्रीमती अग्रवाल ने बताया कि जारी स्वीकृतियों में नवगठित जिलों के लिए उपयोग की जाने वाली राशि भी शामिल की गई है। इन जिलों की राशि पूर्ववत पुराने जिलों के निजी निक्षेप खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिससे नवगठित जिलों में भी जल संरक्षण कार्यों को गति मिल सकेगी।


