जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) क्षेत्र में जल उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए समेकित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रेशर इरिगेशन, फार्म डिग्गी, पीएम-कुसुम, नहरों के आधुनिकीकरण और अन्य योजनाओं को जोड़कर प्रभावी मॉडल विकसित किया जाए। इसके लिए कमांड एरिया डेवलपमेंट (सीएडी) विभाग को प्रारूप तैयार करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव गुरुवार को शासन सचिवालय में आईजीएनपी क्षेत्र के क्रॉपिंग पैटर्न और जल उपयोग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आईजीएनपी राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। इसके करीब 30 लाख हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में से लगभग 21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सीधे सिंचित होता है।
उन्होंने कहा कि परियोजना का लक्ष्य केवल सिंचाई सुविधा देना नहीं, बल्कि कृषि उत्पादन बढ़ाना और उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। विकसित राजस्थान-2047 के विजन के तहत कृषि क्षेत्र को टिकाऊ, लाभकारी और जलवायु अनुकूल बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को आईजीएनपी क्षेत्र के लिए व्यापक रिवर बेसिन प्लान तैयार करने और क्षेत्रवार फसल पैटर्न का वैज्ञानिक अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ अभियान के तहत कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर आर्थिक लाभ देने वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कृषि, जल संसाधन, ऊर्जा सहित सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और अनुसंधान संस्थानों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। किसानों को नई तकनीकों और वैकल्पिक फसल प्रणालियों से जोड़ने के लिए एक्सपोजर विजिट, फील्ड ट्रायल और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आईजीएनपी के दूसरे चरण में प्रेशर इरिगेशन और सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। किसानों को फार्म डिग्गी और सोलर सिस्टम से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा, जिससे जल बचत के साथ कृषि उत्पादकता बढ़ सके।
मुख्य सचिव ने कृषि विश्वविद्यालयों को क्षेत्र विशेष के अनुसार अनुसंधान परियोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसबगोल, क्लस्टर बीन सहित कम पानी में अधिक लाभ देने वाली फसलों की उन्नत किस्मों के विकास और प्रसार पर भी जोर दिया।
आईजीएनपी क्षेत्र में जल उत्पादकता बढ़ाने की तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस


