नई दिल्ली। लॉर्ड्स में इंग्लैंड और भारत के बीच खेले गए तीसरे वनडे में रोहित शर्मा की शतकीय पारी पर बेन डकेट का शतक भारी पड़ गया और इस मुक़ाबले को जीतते हुए इंग्लैंड ने 2-1 से सीरीज़ भी अपने नाम कर ली। इंग्लैंड ने 2018 के बाद पहली बार भारत को कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ हराया है जबकि भारत के ख़िलाफ़ 22 द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ में इंग्लैंड की यह आठवीं सीरीज़ जीत है।
388 के विशाल लक्ष्य के जवाब में भारत ने धीमी शुरुआत की थी लेकिन जल्द ही रोहित और शुभमन गिल की सलामी जोड़ी ने रफ़्तार पकड़ ली और दोनों ने अर्धशतक पूरा करने के साथ ही शतकीय साझेदारी भी पूरी की। हालांकि गिल को क्रैंप आया और 25वें ओवर में गिल के रूप में आदिल रशीद ने 147 के स्कोर पर भारत को पहला झटका दिया। गिल ने पगबाधा की अपील पर आउट करार दिए जाने के बाद रिव्यू लिया था लेकिन रिव्यू असफल रहा।
हालांकि विराट कोहली और रोहित ने मिलकर भारत की उम्मीदों को ज़िंदा रखा और रोहित शतक पूरा करते हुए लॉर्ड्स में वनडे में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज़ भी बन गए। इसके साथ ही रोहित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विजय मर्चेंट (1951) के बाद भारत के दूसरे सबसे उम्रदराज़ क्रिकेटर भी बने। रोहित का यह इंग्लैंड में आठवां वनडे शतक था जो कि वनडे में किसी एक देश में किसी मेहमान बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सर्वाधिक शतक भी हैं।
कोहली और रोहित के बीच शतकीय साझेदारी हुई और दोनों ने भारत की उम्मीदों को ज़िंदा रखा था। हालांकि 138 के स्कोर पर रोहित को जेकब बेथेल ने बोल्ड कर दिया और दूसरे विकेट के लिए दोनों के बीच 113 रनों की साझेदारी टूट गई। भारत अभी भी जीत से 128 रन दूर था और पारी में 68 गेंदें शेष थीं। रोहित के आउट होने के बाद कोहली ने प्रहार जारी रखा और भारत अभी भी मुक़ाबले में बरक़रार था। लेकिन सैम करन के तीसरे स्पेल ने मैच को पूरी तरह से इंग्लैंड के पासे में पलट दिया।
करन ने 44वें ओवर में पहले इशान किशन और फिर श्रेयस अय्यर का विकेट निकाला। यहां से भारत को अंतिम छह ओवर में जीत के लिए 84 रनों की दरकार थी और कोहली अभी भी मौजूद थे। हालांकि अपने अगले ओवर में करन ने कोहली का शिकार करते हुए मुक़ाबले को इंग्लैंड की पकड़ में कर दिया। 47वें ओवर में जोफ़्रा आर्चर ने केएल राहुल का शिकार किया जबकि 48वें ओवर में करन ने अक्षर पटेल का जब शिकार किया तब तक भारत की उम्मीदें समाप्त हो चुकी थीं। 38वें ओवर में करन ने रोहित के ख़िलाफ़ भी पगबाधा का रिव्यू लिया था लेकिन 128 के स्कोर पर खेल रहे रोहित अंपायर्स कॉल पर बचे थे।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया था और भारत ने अपने एकादश में तीन बदलाव किए थे। जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के चलते यह मुक़ाबला नहीं खेल रहे थे और बुमराह की अनुपस्थिति का असर भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी पर भी दिखा जहां भारत को इंग्लैंड का पहला विकेट निकालने के लिए 31वें ओवर और 192 रनों का इंतज़ार करना पड़ा।
डकेट और जेकब बेथेल की शतकीय साझेदारी इंग्लैंड के लिए 39 वनडे पारी बाद किसी सलामी जोड़ी द्वारा की गई शतकीय साझेदारी थी। इससे पहले 2023 के वनडे विश्व कप में धर्मशाला में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ जॉनी बेयरस्टो और डेविड मलान के बीच शतकीय साझेदारी हुई थी।
यह एक निर्णायक मुक़ाबला था इसलिए इस शतकीय साझेदारी का महत्व अलग था। यह किसी द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ के निर्णायक मुक़ाबले में किसी भी सलामी जोड़ी द्वारा की गई दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी भी थी। द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ के निर्णायक मुक़ाबले में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के स्टीवन फ़्लेमिंग और नेथन एस्टले के नाम है, उन्होंने 2001 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 193 रनों की साझेदारी की थी।
बेथेल शुरू से ही लय में नज़र आ रहे थे लेकिन डकेट को लय पकड़ने में समय लगा। हालांकि 31वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने बेथेल को 91 के निजी स्कोर पर अपना शिकार बनाया लेकिन इससे भारत की मुश्किलें आसान नहीं हुईं। डकेट ने अपना शतक पूरा किया और जो रूट ने भी वनडे में लगातार अपना छठा अर्धशतक लगाया और वह पुरुष वनडे में इंग्लैंड की ओर से लगातार छह बार 50 या उससे ज़्यादा का स्कोर बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ भी बन गए।
44वें ओवर में प्रिंस यादव ने डकेट को 141 के निजी स्कोर पर धीमी शॉर्ट गेंद डाल कर उन्हें अपना शिकार बनाया और रूट के साथ डकेट की दूसरे विकेट के लिए 101 रनों की साझेदारी पर विराम लगा। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक इस मुक़ाबले में कुछ ख़ास नहीं कर पाए और 47वें ओवर में जब 14 के निजी स्कोर पर वह आउट हुए तब इंग्लैंड ने 324 रन ही बनाए थे।
हालांकि यहां से इंग्लैंड की पारी ने रफ़्तार पकड़ी और अगली 19 गेंदों पर इंग्लैंड ने 63 रन बटोर लिए, जिसमें जॉस बटलर की 13 गेंदों पर 41 रनों की धुआंधार पारी शामिल थी जिसमें बटलर ने चार चौके और तीन छक्के लगाए। निर्णायक मुक़ाबले में बटलर की यह आक्रामक पारी जीत और हार का असली अंतर साबित हुई।
रोहित के शतक पर डकेट का शतक पड़ा भारी, इंग्लैंड ने 2-1 से जीती सीरीज़

