पेंशन प्रकरण 30 दिन में निपटाने के निर्देश
जिला पुलिस कार्यालयों में पेंशन मित्र होंगे स्थापित
जयपुर। जीवन के महत्वपूर्ण दशक खाकी वर्दी पहनकर कानून-व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों को अब सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन व अन्य परिलाभों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों की सहायता के लिए षीघ्र ही जिला पुलिस कार्यालयों में ‘पेंशन मित्र’ लगाए जाएंगे। साथ ही, पेंशनर्स को डिजिटल एम्पावर किया जाएगा।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पुलिस मुख्यालय में अपने अनूठे नवाचार ‘राज्य स्तरीय पेंशन अदालत‘ के दौरान पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजस्थान की पेंशन व्यवस्था को देश में सबसे बेहतर और संवेदनशील बनाने व पेंशन रिफॉर्म के तहत पेंशन अदालत का आगाज किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के साथ पेंशनर्स से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान के निर्देश दिए। मुख्य सचिव के समक्ष वीसी के जरिए विभिन्न जिलों से जुड़े पेंशनर्स ने अपनी समस्याएं रखी। पेंशनर्स की विविध समस्याओं पर मुख्य सचिव ने त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा पेंशनर्स की समस्याओं के त्वरित समाधान में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में पेंशन व्यवस्था को अधिक सुगम, पारदर्शी और संवेदनशील बनाया जा रहा है। इस पहल से सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को पेंशन व अन्य वित्तीय लाभ सेवानिवृत्ति के दिन या उससे पूर्व ही प्राप्त हो सकेंगे। पेंशन अदालत कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने सितंबर माह में सेवानिवृत्त होने वाले विभिन्न 22 पुलिसकर्मियों को पीपीओ किट देकर गौरवमयी सेवानिवृत्ति की शुभकामनाएं दी गई।
मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही या उससे पूर्व कार्मिक को पीपीओ (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) मिलने चाहिए। यही उनके जीवन की सबसे बड़ी वित्तीय सुरक्षा है। पुलिस कार्मिकों की पेंशन शिकायतों का 30 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए एक विशेष अभियान भी चलाने के निर्देश दिए।
पुलिस कार्यालयों में पेंशन मित्र भी
उन्होंने कहा कि जिलों के थानों या पुलिस कार्यालयों में पेंशन मित्र स्थापित किए जाएं, ताकि पेंशनर्स को आवेदन करने से लेकर किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने सभी पुलिस पेंशनर्स को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए जीवन प्रमाण पत्र के आवेदन ऑनलाइन ही करवाने के निर्देष दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे चिकित्सालय जहां पुलिस पेंशनर्स उपचार के लिए अधिक आते हैं, वहां उनके लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था की जाए।
सेवा अनुभव लिखेंगे पुलिसकर्मी
पुलिस सेवा में अपने जीवन के महत्वपूर्ण दिन देने वाले पुलिसकर्मी अब सेवानिवृत्ति पर अपने अनुभव भी लिखेंगे। यह अनुभव क्षेत्र विषेष में पुलिस व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पेंशन से जुड़े कानूनी मामलों (लिटिगेशन) का आपसी समन्वय से ‘आउट ऑफ कोर्ट‘ ही निस्तारित कराने के निर्देष दिए।
8वें वेतन आयोग को लेकर स्पष्ट की स्थिति
8वें वेतन आयोग को लेकर पेंशनर्स के मन में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि उनके 8वें वेतन आयोग से हुई चर्चा में राज्य सरकार की ओर से किसी भी प्रकार का कोई अंतर नहीं रखा जाएगा।
सरकार ने इस संबंध में नियमानुसार लाभ देने के लिए हाल ही में आयोग को पत्र भी जारी किया है। मुख्य सचिव ने कहा कि पेंशनर्स से निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए रिटायर्ड पुलिस पेंशनर्स एसोसिएशन का गठन किया जाए। इससे पेंशन र्स की छोटी-छोटी समस्याओं का भी जिलों में ही निस्तारण संभव हो सकेगा।
विकसित भारत-जन सेवा अभियान का हिस्सा
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समयबद्ध पेंशन और गुड गवर्नेंस के विजन के तहत राजस्थान की पेंशन पॉलिसी और प्रक्रिया देश में सबसे बेहतर है। तमाम सुधारों के बीच पेंशन सुधार बेहद आवश्यक हैं, जो ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान‘ की सफलता की नींव हैं। इस अनूठी पहल से राज्यभर के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों में नई उम्मीद जगी है।
संवाद के लिए पेंशनर्स ने जताया आभार
पेंशन अदालत में बड़ी संख्या में पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुंचे। इस दौरान राजस्थान सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान के रिछपाल पुनिया, पेंशन मंच के सूरजप्रकाश टांक और पेंशनर समाज के शंकरसिंह सहित कई पेंशनर्स ने राज्य सरकार द्वारा पेंशनर्स को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए आभार जताया। उन्होंने मुख्य सचिव की पहल पर आयोजित पेंशन अदालत को भी पेंशनर्स के लिए हितकारी बताया।
पुलिस मुख्यालय की डिजीटल पहल की मुख्य सचिव ने की सराहना
पेंशन अदालत के बाद मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ एक बैठक ली और प्राप्त समस्याओं के संबंध में अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी लेकर समस्याओं के त्वरित समाधान पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इस दौरान डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस मुख्यालय की डिजिटल पहल की जानकारी दी और कहा कि सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों, पेंशनर्स और आश्रितों की समस्याओं के लिए राजकॉप सिटीजन ऐप में विशेष फीचर उपलब्ध कराया गया है, जिसमें पेंशन, चिकित्सा बिल प्रतिपूर्ति सहित विभागीय व व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं घर बैठे दर्ज कराने की सुविधा है। उन्होंने पेंशनर्स को इस फीचर के उपयोग का आह्वान भी किया। बैठक में राजकॉप सिटीजन ऐप की पेंशनर्स हितैषी सुविधाओं से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास बेहद प्रभावित हुए।
पुलिस मुख्यालय में शीर्ष अधिकारियों का मंथन
उच्चस्तरीय पेंशन अदालत में प्रशासनिक और पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों मौजूद रहे। इनमें पुलिस महानिदेशक संजय अग्रवाल, आनंद श्रीवास्तव, श्रीमती मालिनी अग्रवाल, कार्मिक सचिव श्रीमती अर्चना सिंह और विशिष्ट सचिव वित्त (बजट) श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार सहित पुलिस सेवा के अन्य उच्चाधिकारी शामिल थे। बैठक में विभिन्न पेंशन संगठनों के पदाधिकारियों और पेंशनर्स से पूरी संवेदनशीलता के साथ संवाद किया गया।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अनूठी पहल: पुलिस मुख्यालय में लगी राज्य स्तरीय पेंशन अदालत


