‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ में मादक पदार्थ तस्कर सुगनचंद तंवर और परिवार की चल-अचल संपत्तियों पर कार्रवाई; 3 मकान, कृषि भूमि व वाहन ज़ब्त
जयपुर। महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ के तहत झालावाड़ पुलिस ने नशे की अवैध कमाई पर बड़ा आर्थिक प्रहार किया है। पुलिस ने मादक पदार्थ तस्कर सुगनचंद तंवर और उसके परिवारजनों के नाम पर दर्ज ऐसी चल-अचल संपत्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत कार्रवाई की, जिन्हें पुलिस के अनुसार मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित आय से खरीदा गया था। सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली द्वारा इन संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज करने की कार्रवाई को विधिक रूप से अनुमोदित किया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य 3 करोड़ 2 लाख 37 हजार 518 रुपये है। कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति इन संपत्तियों का अपने उपयोग में लेने अथवा उनका विक्रय करने में सक्षम नहीं होंगे।
‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार’ से नशा तस्करों की आर्थिक जड़ों पर वार
एसपी कुमार ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत न केवल तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है, बल्कि उनकी अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति पर भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार-1’ के बाद जनवरी 2026 से ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ शुरू किया गया। अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थ तस्करों के नेटवर्क पर कार्रवाई करने के साथ-साथ उनकी कथित अवैध कमाई को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्प्रभावी करना है।
तीन माह की पड़ताल के बाद संपत्तियों का चिन्हीकरण
घाटोली थाना क्षेत्र निवासी मादक पदार्थ तस्कर सुगनचंद तंवर पुत्र रामलालनिवासी कंवरपुरा हाल कस्बा घाटोली की संपत्तियों का पुलिस अधीक्षक कार्यालय की एमओबी शाखा में गोपनीय रूप से डेटाबेस तैयार किया गया।
इसके बाद यह जानकारी थाना घाटोली के थानाधिकारी के साथ साझा की गई। जांच के दौरान सुगनचंद तंवर एवं उसके परिवारजनों के नाम पर मादक पदार्थ तस्करी से प्राप्त आय से खरीदी गई संपत्तियों का चिन्हीकरण किया गया तथा उनके संबंध में आवश्यक दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड जुटाए गए।
प्रशासन ने भी किया सहयोग, संपत्तियों का कराया मूल्यांकन
कार्रवाई के दौरान जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राजस्व विभाग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने पुलिस का सहयोग किया। पुलिस द्वारा चिन्हित संपत्तियों का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान कराया गया, जबकि सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से संपत्तियों के वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन कर मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई।
इसके आधार पर तैयार प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज करने की कार्रवाई को मंजूरी मिली।
पहले भी दर्ज हैं मादक पदार्थ तस्करी के मामले
तस्कर सुगनचंद तंवर के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के दो प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में स्मैक बरामद की गई थी। प्रकरणों में करीब 1 लाख रुपये नकद तथा मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 15.80 लाख रुपये बताई गई है। तस्करी में प्रयुक्त एक दुपहिया वाहन भी जब्त किया गया था।
अब नशे की कमाई से बनाई संपत्ति पर भी नहीं चलेगा तस्कर का जोर
झालावाड़ पुलिस के अनुसार धारा 68-एफ के तहत संपत्ति फ्रीज होने के बाद सुगनचंद तंवर और उसके परिवारजन संबंधित संपत्तियों का स्वतंत्र रूप से उपभोग या विक्रय नहीं कर सकेंगे। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नशे की तस्करी से अर्जित काली कमाई से बनाई गई संपत्ति को सुरक्षित रखना आसान नहीं होगा।
नशे की काली कमाई पर झालावाड़ पुलिस की आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक, 3.02 करोड़ की संपत्ति स्थायी फ्रीज


