राजस्थान पुलिस मुख्यालय में 57 कैडेट सम्मानित
57 कैडेट्स को कराया गया आपदा प्रबंधन का अभ्यास
जयपुर। आपदा प्रबंधन में स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ), जिला प्रशासन और पुलिस के साथ अब एनसीसी कैडेट भी सहयोग के लिए आगे रहेंगे। राजस्थान पुलिस की ओर से ‘युवा आपदा मित्र योजना‘ के तहत जे.एल.एन मार्ग स्थित एनसीसी परिसर में 7 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां 57 एनसीसी कैडेट्स को आपदा बचाव कार्यों में सहयोग प्रदान करने सम्बंधित प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पुलिस महानिदेशक, राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार समापन समारोह गुरुवार को राजस्थान पुलिस मुख्यालय में आयोजित हुआ। यहां कैडेट्स को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित कर हौसला बढ़ाया गया। एसडीआरएफ के विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार की आपदाओं में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
आपदा प्रबंधन में जनसहभागिता का महत्वपूर्ण कदम
समारोह में मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) संजय अग्रवाल ने कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में जनसहभागिता की दिशा में युवा आपदा मित्र महत्वपूर्ण कदम है। एनसीसी कैडेट्स को फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में एसडीआरएफ व अन्य बचाव दलों के साथ समन्वय और सहयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया है। वे आपदा की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दे सकेंगे।
अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित कैडेट युवा आपदा मित्र के रूप में समाज सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं से अपने जीवन के लक्ष्यों के अनुरूप स्पष्ट रोडमैप तैयार कर निरंतर आगे बढ़ने का आह्रवान किया। साथ ही, उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ दलों की प्रशंसा की।
समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आर्म्ड बटालियन एवं एसडीआरएफ) श्री रूपिंदर सिंघ ने कहा कि युवा आपदा मित्र योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से युवाओं को आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सभी जगहों पर इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवा शक्ति का सहयोग राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर एनसीसी से कर्नल रघुवेंद्र कुमार, कर्नल विनोद कुमार (सेना मेडल), लेफ्टिनेंट कर्नल परमिंदर कौर और एसडीआरएफ कमांडेंट श्री राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने भी युवा आपदा मित्रों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर कैडेट्स ने प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा करते हुए समाज सेवा और आपदा प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
ऐसा रहा 7 दिवसीय प्रशिक्षण
सात दिवसीय प्रशिक्षण में कैडेट्स को आपदा प्रबंधन की मूल जानकारी दी गई। इसमें भूकंप, बाढ़, आग, आंधी-तूफान, भवन ढहने जैसी आपदाओं में बचाव की समझ बढ़ाई गई। इनमें, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से लोगों को ढूंढना और निकालना, चोट, रक्तस्त्राव, जलने व फ्रैक्चर की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार व सहायता की जानकारी दी गई। सीपीआर और अन्य जीवन रक्षक तकनीकों के माध्यम से बेहोशी तथा हृदय गति रुकने की स्थिति में अपनाए जाने वाले प्राथमिक जीवन रक्षक उपायों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
इसके साथ ही, बाढ़ या जलभराव के दौरान सुरक्षित बचाव के तरीके, आग लगने की स्थिति में बचाव व अग्निशामक यंत्रों का उपयोग, ऊंचाई या दुर्गम स्थानों से रस्सी आधारित तकनीक से बचाव कार्यों, भीड़ प्रबंधन, संचार एवं समन्वय और मॉक ड्रिल सहित बचाव के विभिन्न तौर-तरीकों का अभ्यास कराया गया।
एनसीसी कैडेट बने युवा आपदा मित्र: आपदा में फर्स्ट रेस्पॉन्डर की भूमिका निभाएंगे कैडेट

