जयपुर। चार साल बाद होने जा रहे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव को लेकर राजनीतिक और खेल हलचल तेज हो गई है। चुनाव प्रक्रिया के बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नया मोड़ आ गया है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे। परिणामों को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाएगा।
वर्तमान में आरसीए की एनुअल जनरल बॉडी मीटिंग (AGM) चल रही है। बैठक समाप्त होने के बाद मतदान प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। मतदान के बाद मतगणना होगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण परिणामों की आधिकारिक घोषणा पर रोक रहेगी।
आरसीए चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठे हैं। मेघा गौड़ की ओर से दायर याचिका में चुनाव प्रक्रिया में एक भी महिला को शामिल नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। इसी मामले को लेकर अदालत के आदेश के बाद चुनाव परिणामों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
आरसीए चुनाव में कई राजनीतिक हस्तियों के बेटे अलग-अलग पदों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। अध्यक्ष पद पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और दौसा जिला क्रिकेट संघ के सचिव बृजकिशोर उपाध्याय के बीच मुकाबला है।
वहीं राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी कोषाध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं। भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव उपाध्यक्ष एवं सचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। कुल छह पदों के लिए 11 प्रत्याशी मैदान में हैं।
मतदान से पहले धनंजय गुट के धर्मवीर सिंह शेखावत ने कार्यकारी सदस्य पद से अपना नाम वापस ले लिया। उन्होंने सचिवों को बताया कि उनका नामांकन गलती से रह गया था। इसके बाद बृजकिशोर गुट के अरिष्ट सिंघवी का कार्यकारी सदस्य पद पर निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
अंतिम मतदाता सूची के अनुसार आरसीए चुनाव में कुल 38 लोगों को मतदान का अधिकार है। इनमें 34 जिला क्रिकेट संघों के सचिव, जयपुर एडहॉक कमेटी के कन्वीनर राजेश कुमार तांबी, नागौर के कन्वीनर राजेश बिश्नोई तथा दो पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर गगन खोड़ा और पंकज सिंह शामिल हैं।
RCA चुनाव में बड़ा मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने नतीजों पर लगाई रोक


