जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास को नई गति मिली है। आने वाले समय में प्रदेश के गांवों में कृषि, सड़क सुदृढ़ीकरण, रोजगार एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में फोकस करते हुए बड़ी संख्या में विकास कार्य करवाए जाएंगे, जो गांवों की तस्वीर बदलने के साथ ही लोगों की तकदीर बदलने का काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों के अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तीकरण एवं ज्ञान संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आधुनिक लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जहां वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ करियर मार्गदर्शन, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और सरकारी सेवाओं की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रदेश के गांवों में बनेंगी 3,219 किमी लम्बी सड़कें, कनेक्टिविटी होगी मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के तहत करीब 3 हजार 219 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाई जाएंगी। वर्ष 2026-27 में 1,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा किया जाएगा। शेष सड़कें आगामी वर्ष में बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल प्रगति पथ योजना के तहत 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सीमेंट कंक्रीट सड़कें बनाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत राजस्थान का ऐसा मॉडल विकसित किया जाए, जिससे गांवों का सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सार्वजनिक संस्थानों तक बेहतर कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर खेल मैदान बनाए जाएंगे।
खेतों में 8 हजार डिग्गियों और 18 हजार फार्म पौण्ड का होगा निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास के साथ कृषक कल्याण के लिए सिंचाई, ऊर्जा और संरक्षित खेती को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों के लिए इस वर्ष 50 हजार कृषि यंत्रों के लिए अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार खेत पर जल उपलब्धता और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से इस वर्ष 18 हजार फार्म पौण्ड और 8 हजार डिग्गियों का निर्माण किया जाएगा। फसलों को जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए 200 लाख मीटर तारबंदी के लिए भी किसानों को अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि वे योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की निरंतर मॉनिटरिंग करें।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं सहकारिता मंजू राजपाल, शासन सचिव ग्रामीण विकास कृष्ण कुणाल, शासन सचिव पंचायतीराज जोगाराम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
वीबी-जी राम जी योजना में राजस्थान बनेगा मॉडल: मुख्यमंत्री


