जयपुर। राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी झमाझम बारिश के दौर पर अगले दो दिनों तक ब्रेक लगने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को कमजोर पड़कर साधारण परिसंचरण तंत्र में बदल गया है। इसके असर से दो दिन 27 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां धीमी रहेंगी। हालांकि, दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को तीव्र होकर ‘डिप्रेशन’ में बदल चुका है। अगले 24 घंटों में इसके और अधिक मजबूत होकर ‘डीप डिप्रेशन’ बनने और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है। इस नए सिस्टम के असर से 28 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर बढ़ोतरी होगी।
बंगाल की खाड़ी के इस नए डिप्रेशन तंत्र का व्यापक असर 29 जुलाई से देखने को मिलेगा। 29 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान पूरे प्रदेश में मानसून फिर से पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इस दौरान पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में मूसलाधार और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार (28 जुलाई) को अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा और सवाईमाधोपुर जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पाली के जवाई डैम क्षेत्र में सर्वाधिक 37.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जैसलमेर में 11.2 मिमी, भीलवाड़ा व दौसा में 7.0-7.0 मिमी, फलोदी में 6.2 मिमी, बाड़मेर में 5.6 मिमी और प्रतापगढ़ में 5.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में सर्वाधिक तापमान बीकानेर में 38.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
29 जुलाई से पूरे राजस्थान में सक्रिय होगा मानसून, भारी बारिश की संभावना

