25,000 रुपये का इनामी और 1 साल से फरार तस्कर सुखलाल आंजना गिरफ्तार; शादी समारोह से लौटते समय फिल्मी अंदाज में पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
वैध अफीम पट्टे की आड़ में कूरियर और बसों के जरिए राजस्थान, एमपी व गुजरात में भेजता था माल
जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन मदार्कभ” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक वर्ष से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर सुखलाल आंजना को चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात में सक्रिय अंतरराज्यीय अफीम तस्करी नेटवर्क का प्रमुख कड़ी माना जाता है।
महानिरीक्षक पुलिस, एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के निर्देशन में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। आरोपी पर दौसा पुलिस द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह करीब एक वर्ष से फरार चल रहा था।
शराब ठेके में घाटे से अफीम तस्करी तक का सफर
आईजी विकास कुमार के अनुसार आरोपी सुखलाल ने 8वीं तक पढ़ाई करने के बाद खेती-बाड़ी शुरू की थी। उसमें मुनाफा न होने पर उसने शराब के ठेके लिए, लेकिन भारी आर्थिक नुकसान और कर्जा हो जाने के कारण उसने जल्द अमीर बनने की चाहत में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी का रास्ता चुना। आरोपी के पिता के नाम पर वैध अफीम खेती का सरकारी पट्टा था, जिसका अनुचित लाभ उठाकर वह अपने खेत की अफीम के साथ-साथ आसपास के किसानों से भी अवैध रूप से अफीम एकत्रित करने लगा। धीरे-धीरे वह मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के सक्रिय तस्करों को माल सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाने लगा।
कूरियर और प्राइवेट बसों से डिलीवरी का अनोखा तरीका
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद चालाकी से डिलीवरी नेटवर्क चलाता था। राजस्थान और गुजरात के तस्करों की मांग पर वह बसों के माध्यम से पार्सल पैक करवाकर कूरियर से माल भिजवाता था। पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए वह केवल व्हाट्सएप कॉल के जरिए ही सीमित संपर्क रखता था और हर बार रास्ते व वाहन बदल देता था। मेहंदीपुर बालाजी दौसा थाने में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2025 में एटीएस गुजरात और मेहंदीपुर बालाजी तथा वर्ष 2026 में नाहरगढ़ मध्यप्रदेश में गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। मध्यप्रदेश से पकड़ा गया वह एएनटीएफ का 11वां बड़ा तस्कर है।
फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी और थार गाड़ी से गिरफ्तारी
एएनटीएफ टीम को सटीक खुफिया सूचना मिली थी कि इनामी तस्कर सुखलाल अपनी काले रंग की थार गाड़ी में सवार होकर भीलवाड़ा में एक शादी समारोह में शामिल होने गया है और चित्तौड़गढ़ होते हुए अपने गांव लौटेगा। सूचना मिलते ही एएनटीएफ की सादा वर्दी टीमों ने चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा हाईवे पर जाल बिछाया। पुलिस की मौजूदगी भांपकर आरोपी ने भीलवाड़ा रोड से उदयपुर और फिर कोटा रोड की ओर यू-टर्न लेकर भागने का प्रयास किया। हालांकि, आगे निंबाहेड़ा रोड स्थित ओछड़ी टोल नाके के पास पहले से तैनात एएनटीएफ की दूसरी टीम ने घेराबंदी कर थार कार को रुकवाया और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।
एएनटीएफ मुख्यालय में सम्मान और आमजन से अपील
आईजी कुमार ने बताया कि इस साहसिक और सटीक कार्रवाई में शामिल एएनटीएफ टीमों को विशेष कार्यक्रम आयोजित कर एएनटीएफ मुख्यालय, जयपुर में सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की है कि नशा तस्करी या अपराधियों से जुड़ी कोई भी गुप्त जानकारी एएनटीएफ कंट्रोल रूम के नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।
राजस्थान ANTF का ‘ऑपरेशन मदार्कभ’: तीन राज्यों में फैले नशे के साम्राज्य का मुख्य सूत्रधार चित्तौड़गढ़ से दबोचा


