काली कमाई से अर्जित आलीशान मकान, जमीन और ट्रैक्टर जब्त
जयपुर। मादक पदार्थों की तस्करी और काले कारोबार से संपत्ति अर्जित करने वाले नशा तस्करों के खिलाफ प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की सख्त धारा 68-F(1) के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से अवैध रूप से खड़ी की गई कुल 03 करोड़ 20 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज करने की विधिक कार्रवाई की है।
प्रतापगढ़ थानाधिकारी शंभुसिंह द्वारा तैयार किए गए संपत्ति फ्रीजिंग के दोनों प्रस्तावों को भारत सरकार द्वारा अधिकृत कंपिटेंट अथॉरिटी व एडमिनिस्ट्रेटर सफेमा (SAFEMA) नई दिल्ली ने स्वीकार करते हुए फ्रीजिंग आदेश प्रस्तावित कर दिए हैं।
तस्कर शैफुल्ला शेख की ₹1.55 करोड़ की अचल संपत्ति कुर्क
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पहली बड़ी कार्रवाई कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर शैफुल्ला शेख के खिलाफ की गई। नवंबर 2025 में छोटीसादड़ी थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक बिना नंबरी मोटरसाइकिल से करीब 4.5 किलोग्राम से अधिक घातक एमडी जब्त की थी। जांच में सामने आया कि यह खेप अजमेर पहुंचाने के लिए मुख्य सप्लायर बसाड़ निवासी शैफुल्ला शेख ने दी थी। लंबे समय से फरार चल रहे शातिर शैफुल्ला को पुलिस टीम ने जनवरी 2026 में गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।

पिता की जमीन पर खड़ा किया था आलीशान महल, कृषि भूमि भी जब्त
गिरफ्तारी के बाद एसपी बी. आदित्य के मार्गदर्शन में गठित पुलिस की विशेष वित्तीय जांच टीम ने तस्कर शैफुल्ला की गोपनीय संपत्तियों को चिन्हित किया। वित्तीय विश्लेषण में खुलासा हुआ कि आरोपी ने नशे के कारोबार से होने वाली काली कमाई के माध्यम से अपने स्वयं के नाम पर गांव बसाड़ में 0.42 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी थी, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य ₹55 लाख है। इसके अलावा, उसने अपने पिता के कब्जे वाली जमीन पर ₹01 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक आलीशान कोठी का निर्माण करवाया था। पुलिस ने इन दोनों संपत्तियों पर विधिक जब्ती के बोर्ड चस्पा कर दिए हैं।
मेवाड़-वागड़ के बड़े सप्लायर भूरालाल लबाना की ₹1.65 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
इसी अभियान के तहत दूसरी बड़ी कार्रवाई प्रतापगढ़ के संचई गांव में पलटे हुए एक इसुजु वाहन से दिसंबर 2023 में बरामद किए गए 492 किलोग्राम से अधिक अवैध डोडाचूरा के मामले में की गई। इस बड़े रैकेट की कड़ियां अखेपुर निवासी भूरालाल लबाना से जुड़ी थीं, जिसने यह माल तस्करों को सप्लाई करने के लिए भरवाया था। पुलिस ने आरोपी भूरालाल को गिरफ्तार कर उसकी वित्तीय जांच शुरू की तो उसकी करोड़ों की संपत्तियों का भंडाफोड़ हुआ।
पत्नी के नाम आवासीय भूखंड और बेटे के नाम खरीदा था कीमती ट्रैक्टर
वित्तीय जांच टीम ने पाया कि शातिर तस्कर भूरालाल लबाना ने पुलिस और कानूनी एजेंसियों से बचने के लिए अपनी अवैध काली कमाई को परिवार के नाम पर निवेश किया था। उसने प्रतापगढ़ शहर के मुख्य अरनोद रोड पर अपनी पत्नी केसर बाई के नाम से 0.25 हेक्टेयर का एक कीमती आवासीय भूखंड खरीदा, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत ₹01 करोड़ है। इसके अलावा गांव झांसड़ी में पत्नी के नाम पर ही ₹55 लाख मूल्य की 0.42 हेक्टेयर कृषि भूमि और अपने पुत्र सुनील लबाना के नाम पर ₹10 लाख कीमत का एक आधुनिक कुबोटो कंपनी का ट्रैक्टर खरीदा था। पुलिस ने इन तीनों चल-अचल संपत्तियों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया है।
आपराधिक रिकॉर्ड:
पकड़ा गया अभियुक्त शैफुल्ला शेख आदतन और शातिर प्रकृति का अंतर-राज्यीय अपराधी है, जिसके खिलाफ प्रतापगढ़, हथुनिया, धोलापानी और नीमच (मध्य प्रदेश) के थानों में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के गंभीर मामले, जोधपुर के रातानाडा और प्रतापगढ़ थाने में अवैध हथियारों व घातक कारतूसों की तस्करी व सप्लाई के 5 से अधिक मुकदमे, रंठाजना थाने में महिला को अगवा करने और आपराधिक साजिश रचने का मामला तथा प्रतापगढ़ थाने में जेल के भीतर निरुद्ध रहने के दौरान कारागृह अधिनियम के तहत अवैध सामग्री रखने का ताजा मामला दर्ज है।
अभियुक्त भूरालाल लबाना राजस्थान के मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र (प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा) के तस्करों का नेटवर्क चलाता है। उसके खिलाफ प्रतापगढ़ थाने में घातक हथियारों से लैस होकर जानलेवा हमला करने और दंगा भड़काने का मामला, धमोतर, डुंगला (चित्तौड़गढ़), प्रतापगढ़ और मोटागांव (बांसवाड़ा) के थानों में भारी मात्रा में डोडाचूरा व अफीम की तस्करी के मुकदमे और मोटागांव (बांसवाड़ा) थाने में सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर करने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज है।
एसपी आदित्य ने बताया कि नशे के सौदागरों और अपराधियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शरण देने व उनकी मदद करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों को जेल भेजने के साथ-साथ उनकी काली कमाई से अर्जित संपत्तियों को नेस्तनाबूद करने का हमारा यह अभियान लगातार जारी रहेगा।


