नई दिल्ली। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत को पहली जीत मिल गई और पिछले सात मैचों से चला आ रहा इंतज़ार समाप्त हुआ है। ज़िम्बाब्वे को पहले T20I मैच में सात विकेट से हराते हुए भारत ने बड़ी जीत के साथ ज़िम्बाब्बे दौरे की शुरुआत की है। मयंक यादव और प्रिंस यादव की शानदार गेंदबाज़ी की अगुवाई से भारत ने मेज़बान टीम को केवल 125 के स्कोर पर ही रोक दिया था। जवाब में वैभव सूर्यवंशी के केवल 18 गेंदों में लगाए गए पचासे की बदौलत भारत ने 40 गेंद शेष रहते आसानी से मैच जीत लिया।
इंग्लैंड दौरे पर लगातार बड़ी पारी के लिए तरसने वाले सूर्यवंशी ने सारी कसर हरारे स्पोर्ट्स क्लब में पूरी कर ली। सूर्यवंशी ने अपनी चौथी ही गेंद पर छक्के के साथ अपनी पहली बाउंड्री हासिल की थी। इसके बाद अगली दो गेंदों पर उन्होंने चौका और एक छक्का लगाया। चौथे ओवर में अपना पहला ओवर डालने वाले ब्रैड एवंस का सूर्यवंशी ने चौके और छक्के के साथ स्वागत किया। पारी के पांचवें ओवर में भी फिर उन्होंने दो चौके और एक छक्का लगाया।
पावरप्ले में अभिषेक शर्मा आठ गेंद में केवल एक रन बनाकर तीसरे ओवर में आउट हो गए थे। इस बीच में सूर्यवंशी ने जो आक्रमण किया उससे उनकी पारी का महत्व और बढ़ जाता है। 18 गेंदों में ही उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पचासा पूरा किया और इस स्टेज पर पचासा लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज़ बने। हालांकि, पचासा पूरा करते ही अगली ही गेंद पर वह कैच आउट हो गए, लेकिन तब तक मैच पर भारत की पकड़ काफ़ी मज़बूत हो चुकी थी।
नंबर तीन पर आए इशान किशन ने भी अच्छा खेल दिखाते हुए आते ही शॉट्स लगाने शुरू कर दिए। कप्तान श्रेयस ने भी उनका अच्छा साथ दिया और भारत को जीत के क़रीब आसानी से पहुंचा दिया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 31 गेंदों में 46 रनों की एक अच्छी साझेदारी हुई। 12वें ओवर में किशन 24 गेंदों में 35 रनों की पारी खेलकर आउट हुए और तब भारत को जीत के लिए 12 रन चाहिए थे।
इससे पहले टॉस जीतकर गेंदबाज़ी कर रही भारतीय टीम को मयंक ने शानदार शुरुआत दिलाई। पहली ही गेंद पर उन्होंने ज़िम्बाब्वे के ओपनर और अच्छी फ़ॉर्म में चल रहे ब्रायन बेनेट को विकेट के पीछे कैच करा दिया। पावरप्ले में ही मयंक ने लगातार तीन ओवर डाले और अपने तीसरे ओवर में उन्हें दूसरी सफलता भी मिली। तीन ओवर में केवल 10 रन देकर दो विकेट लेते हुए पावरप्ले में उन्होंने शानदार शुरुआत की। प्रिंस ने भी दूसरे छोर से एक विकेट निकालते हुए मयंक का शानदार साथ दिया।
पावरप्ले में ज़िम्बाब्वे केवल 26 रन बना पाया था और तीन विकेट गंवाए थे। 32 के स्कोर पर कप्तान सिकंदर रज़ा भी पवेलियन लौट गए जिससे मेज़बान टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं। रयान बर्ल (26) और वेल्सी मधेवेरे ने पांचवें विकेट के लिए 35 गेंदों में 32 रनों की साझेदारी करके पारी को थोड़ी स्थिरता दिलाई। काफ़ी धीमी शुरुआत के बाद बर्ल रन गति बढ़ाने के प्रयास में कैच आउट हुए। 14वें ओवर में 64 के स्कोर पर गिरा यह विकेट ज़िम्बाब्वे के लिए काफ़ी बड़ी निराशा थी।
हालांकि, मधेवेरे और मारुमानी ने छठे विकेट के लिए 37 गेंदों में 57 रन जोड़ते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। मधेवेरे ने ख़ास तौर से अधिक आक्रमण दिखाया और साझेदारी में केवल 19 गेंदों में 30 रनों का योगदान दिया। मधेवेरे ने 39 और मारूमानी ने 27 रनों का योगदान दिया।
मयंक, प्रिंस और सूर्यवंशी ने दिलाई कप्तान श्रेयस को पहली जीत


