नई दिल्ली। महिला T20 विश्व कप 2026 में भारत ने विजयी शुरुआत की है, पाकिस्तान को 64 रनों से हराते हुए भारतीय टीम ने दबदबे के साथ टूर्नामेंट का आगाज़ किया है। स्मृति मांधना (68) की बेहतरीन पारी ने भारत को 170 के स्कोर तक पहुंचाया था जिसके जवाब में पाकिस्तान केवल 106 के स्कोर पर ही ढेर हो गई। दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में केवल 10 रन देते हुए पांच विकेट चटकाए। इसके साथ ही उनके इस प्रारूप में 166 विकेट हो गए हैं और वह सबसे ज़्यादा T20I विकेट लेने वाली महिला गेंदबाज़ बन गई हैं।
171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुनीबा अली ने पहली गेंद पर ही चौका लगाते हुए पाकिस्तान को शानदार शुरुआत दिलाई थी। अगले ही ओवर में छह के निजी स्कोर पर उन्हें एक जीवनदान भी मिला जब विकेट के पीछे ऋचा घोष ने उनका कैच श्रेयंका पाटिल की गेंद पर गिरा दिया। पारी के तीसरे ओवर में मुनीबा ने क्रांति गौड़ को दो चौके लगाए और इस ओवर से पाकिस्तान को कुल 14 रन मिल गए। पहले तीन ओवर में बिना किसी नुक़सान 25 रन बनाकर पाकिस्तान अच्छी शुरुआत कर चुकी थी।
चार ओवर के बाद स्कोर 37/0 था और भारत को विकेट की सख़्त जरूरत थी तो उन्होंने अपनी सबसे भरोसेमंद और अनुभवी गेंदबाज़ दीप्ति को गेंद थमाई। अपनी पांचवीं गेंद पर ही गुल फ़िरोज़ा को आउट करके दीप्ति ने ओपनिंग साझेदारी का अंत किया। पावरप्ले के अंतिम ओवर से भी 13 रन आए और पहले छह ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर 52/1 था जो भारत के 38/2 के सामने काफ़ी अच्छा दिख रहा था। T20 विश्व कप और इस प्रारूप में भारत के ख़िलाफ़ यह पाकिस्तान का बेस्ट पावरप्ले स्कोर था।
दीप्ति ने अपने दूसरे ओवर में नई बल्लेबाज़ आयशा ज़फ़र को भी आउट कर दिया और फिर श्री चरणी ने आते ही विश्व कप डेब्यू कर रहीं सायरा ज़बीन को पवेलियन का रास्ता दिखाया। दीप्ति ने अपने पहले तीन ओवर में केवल आठ रन दिए थे जिससे पाकिस्तान पर लगातार दबाव बढ़ता गया। 38 रनों की ओपनिंग साझेदारी के बाद पाकिस्तान की टीम लगातार साझेदारियों के लिए तरसती रही क्योंकि उन्हें लगातार अंतराल पर झटके लगते रहे। ओपनर मुनीबा को 41 के स्कोर पर तब वापस जाना पड़ा जब दीप्ति ने डॉयरेक्ट हिट पर उन्हें रन आउट किया।
यहां से मैच पूरी तरह भारत के हाथ में आ चुका था। 18 रन बनाकर आलिया रियाज़ ने हार के अंतर को कम करने का काम किया, लेकिन उनके आउट होते ही पारी बड़ी जल्दी समाप्त हो गई। अपना आख़िरी ओवर डालने आई दीप्ति ने एक ही ओवर में तीन विकेट निकालते हुए पाकिस्तान की पारी का अंत 17वें ओवर में 106 के स्कोर पर ही कर दिया।
इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए आक्रामक रणनीति अपनाई थी और शेफ़ाली ने पहली गेंद पर ही छक्का जड़ा था। हालांकि, उसी ओवर में वह कीपर को कैच थमाकर वापस भी लौट गईं। थोड़ी ही देर बाद जेमिमाह रॉड्रिग्स भी कैच आउट हो गईं। पावरप्ले में दो विकेट गिरने के बाद रन गति धीमी पड़ गई, लेकिन क्रीज़ पर मांधना और हरमनप्रीत कौर की सबसे अनुभवी जोड़ी खड़ी थी। धीरे-धीरे दोनों ने पारी को आगे बढ़ाया और 63 गेंदों में 91 रनों की एक बेहतरीन साझेदारी कर डाली।
ख़ास तौर से मांधना ने आंख जमने के बाद स्पिनर्स के ख़िलाफ़ जमकर हमला किया और कई दर्शनीय शॉट्स लगाए। अर्धशतक पूरा करते ही वह और भी आक्रामक हो गईं और 44 गेंदों में 68 रनों की पारी खेलने के बाद बड़े शॉट के चक्कर में आउट हुईं। हरमनप्रीत ने क्रीज़ पर काफ़ी लंबा समय बिताया, लेकिन रन बनाने के लिए काफ़ी मुश्किलों का सामना करती दिखीं। 35 गेंदों में 36 रन बनाने के बाद वह 17वें ओवर में आउट हुईं।
यहां भारत का स्कोर 123 रन ही था और उन्हें एक अच्छी फ़िनिश की आवश्यकता थी। घोष ने केवल 17 गेंदों में 34 रनों की धुंआधार पारी खेलते हुए भारत को 170 के स्कोर तक पहुंचाया जो T20 विश्व कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत का सबसे बड़ा स्कोर था।
भारत ने आसानी से पाकिस्तान को हराया, दीप्ति और मांधना चमकी


