पुलिस जांच में पद के दुरुपयोग की पुष्टि का दावा, फरारी के दौरान साइबर तकनीकी मदद से कोटा के आवासीय फ्लैट से दबोचा
जयपुर । अजमेर के महिला बंदी सुधार गृह से दो महिला बंदियों को नियम विरुद्ध और अवैधानिक तरीके से बाहर निकालकर अपने निजी आवास पर ले जाने के गंभीर मामले में अजमेर की सिविल लाइंस थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रही तत्कालीन जेलर (कारापाल) दिव्या चौधरी को कोटा से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि आरोपी जेलर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जेल के सुरक्षाकर्मियों को डरा-धमकाकर आजीवन कारावास से दंडित एक सजायाफ्ता और एक विचाराधीन महिला बंदी को जबरन जेल से बाहर निकाला था।
ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को धमकाकर बंदियों को ले गई थी निजी आवास
पुलिस अनुसंधान एवं तकनीकी साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ है कि 12 जुलाई 2026 को तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी निवासी भीलवाड़ा ने अपनी सहयोगी महिला प्रहरी सोनिया चौधरी के साथ मिलकर साजिश रची। उन्होंने महिला बंदी सुधार गृह के मुख्य द्वार पर तैनात अन्य जेल कर्मियों के विरोध के बावजूद उन्हें डराया-धमकाया और आजीवन कारावास की सजा काट रही महिला बंदी किरण उर्फ सेठा तथा विचाराधीन बंदी सना को अवैध रूप से बाहर निकाल लिया। इसके बाद जेलर दिव्या चौधरी दोनों बंदियों को अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और निजी हित के लिए एआरजी सिटी स्थित अपने निजी आवास पर ले गई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से थी फरार; कोटा के रिहायशी फ्लैट से हुई गिरफ्तारी
घटना के संबंध में 05 अगस्त को अजमेर केंद्रीय कारागृह के प्रहरी महिपाल मांगलोदा की रिपोर्ट पर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने मुख्यालय से बिना बताए फरार हो गई थी। पुलिस टीम ने घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण कर साइबर सेल की मदद से ट्रैकिंग शुरू की। मंगलवार 06 अक्टूबर को अजमेर पुलिस की विशेष टीम ने कोटा जिले के एक आवासीय फ्लैट में दबिश देकर आरोपी जेलर दिव्या चौधरी (37) को गिरफ्तार कर लिया।
गंभीर प्रकृति के इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ और वृत्त अधिकारी शिवम जोशी के निर्देशन में सिविल लाइंस थानाधिकारी शंभू सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। इस टीम में सहायक उप-निरीक्षक मोईनुद्दीन, साइबर सेल के एएसआई आशीष, हेड कांस्टेबल परिना बानो, कांस्टेबल ऋष्वेंद्र सिंह (विशेष योगदान) और साइबर सेल के कांस्टेबल अभय सिंह शामिल रहे। गिरफ्तार आरोपी जेलर से प्रकरण में शामिल अन्य सहयोगियों तथा बंदियों को ले जाने के पीछे की मुख्य वजह के संबंध में गहन पूछताछ और अनुसंधान जारी है।
अजमेर महिला जेल से बंदियों को अवैध रूप से घर ले जाने वाली निलंबित जेलर कोटा से गिरफ्तार


