जयपुर सहित 6 नगर निगमों में भाजपा आगे, भरतपुर में 65 में से 36 वार्ड निर्दलीयों के खाते में
बीकानेर में कांग्रेस आगे, बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय निर्णायक भूमिका में
जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में हुए चुनाव की मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से जारी है। जयपुर सहित प्रदेश के 6 नगर निगमों में भारतीय जनता पार्टी बढ़त बनाए हुए है। वहीं, भरतपुर में चुनाव परिणामों ने बड़ा उलटफेर किया है। यहां निर्दलीय प्रत्याशियों ने दोनों प्रमुख दलों को पीछे छोड़ते हुए बड़ी संख्या में जीत दर्ज की है। परिणामों के साथ ही प्रदेश के शहरी मतदाताओं का सियासी मिजाज भी सामने आने लगा है।
निकाय चुनाव के नतीजों के साथ कुल 38,889 उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला हो रहा है। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं में बोर्ड गठन की तस्वीर स्पष्ट होगी। परिणाम पूरी तरह सामने आने के बाद यह भी साफ हो जाएगा कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में किस राजनीतिक दल का दबदबा रहा और किन क्षेत्रों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने राजनीतिक दलों को चुनौती दी।
भरतपुर में निर्दलीयों का दबदबा
भरतपुर नगर निगम के चुनाव परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने सबसे बड़ा उलटफेर किया है। कुल 65 वार्डों में से निर्दलीयों ने 36 वार्डों में जीत दर्ज की है। इस तरह वे नगर निगम में सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरकर सामने आए हैं।
भरतपुर में भाजपा को 20 वार्डों में जीत मिली, जबकि कांग्रेस के खाते में 7 वार्ड आए। बसपा और आरएलपी को एक-एक वार्ड में जीत मिली है। परिणामों के बाद नगर निगम में बोर्ड गठन को लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
भरतपुर नगर निगम के परिणाम
कुल वार्ड : 65
भाजपा : 20
कांग्रेस : 7
बसपा : 1
आरएलपी : 1
निर्दलीय : 36
फतेहपुर में तिवाड़ी की बहन निर्दलीय जीतीं
फतेहपुर नगर परिषद के वार्ड 25 से निर्दलीय प्रत्याशी अंजू भिण्डा ने जीत दर्ज की है। अंजू भिण्डा राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी की बहन हैं। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उनकी जीत को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीकानेर में कांग्रेस आगे, निर्दलीय बन सकते हैं किंगमेकर
बीकानेर में चुनाव परिणामों के बाद बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। यहां कांग्रेस ने 17 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के खाते में 13 वार्ड आए हैं। आरएलपी को एक वार्ड में जीत मिली है और 5 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी है।
ऐसे में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय प्रत्याशी निर्णायक भूमिका में आ सकते हैं। दोनों प्रमुख दलों के बीच बोर्ड बनाने की स्थिति को देखते हुए निर्दलीयों का समर्थन महत्वपूर्ण हो गया है।
बालोतरा में भाजपा का दबदबा
बालोतरा नगर परिषद के कुल 55 वार्डों के परिणाम में भाजपा ने स्पष्ट बढ़त हासिल की है। भाजपा ने 29 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 23 वार्ड मिले। तीन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।
जसोल में भी भाजपा आगे
जसोल नगरपालिका के 20 वार्डों में भाजपा ने 11 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस को 7 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 2 वार्डों में जीत मिली।
समदड़ी में भाजपा को बहुमत
समदड़ी नगरपालिका के कुल 25 वार्डों में भाजपा ने 14 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई। कांग्रेस को 8 और निर्दलीयों को 3 वार्डों में जीत मिली।
सिवाना में भाजपा मजबूत
सिवाना नगरपालिका के 25 वार्डों में भाजपा ने 14 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस के खाते में 9 वार्ड आए, जबकि 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।
सिणधरी में भाजपा आगे
सिणधरी नगरपालिका के 20 वार्डों में भाजपा ने 12 वार्डों में जीत हासिल की। कांग्रेस को 5 और निर्दलीयों को 3 वार्डों में सफलता मिली।
गुड़ामालानी में भी भाजपा का दबदबा
गुड़ामालानी नगरपालिका के 20 वार्डों में भाजपा ने 11 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस को 7 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 2 वार्डों में सफलता मिली।
धोरीमन्ना में भाजपा को बड़ी बढ़त
धोरीमन्ना नगरपालिका के कुल 20 वार्डों में भाजपा ने 14 वार्डों में जीत दर्ज कर मजबूत स्थिति बनाई। कांग्रेस को 3 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 3 वार्डों में जीत मिली।
निकाय चुनाव के परिणामों के साथ ही अब अलग-अलग नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक जोड़तोड़ शुरू होने की संभावना है। जहां कई निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा, वहीं भरतपुर और बीकानेर जैसे निकायों में निर्दलीय प्रत्याशी सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखते नजर आ रहे हैं। परिणामों के अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद प्रदेश के शहरी निकायों में सत्ता का पूरा गणित स्पष्ट हो जाएगा।
निकाय चुनाव परिणाम : भाजपा की बढ़त, भरतपुर में निर्दलीयों का बड़ा उलटफेर


