जयपुर। राजस्थान में होने वाले आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजस्थान पंचायत राज चुनाव 2026 के लिए जयपुर जिला परिषद सदस्यों की अपनी पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी है। भाजपा ने इस बहुप्रतीक्षित सूची का ऐलान किया, जिसमें कुल 57 वार्डों में से 55 वार्डों के लिए पार्टी उम्मीदवारों के नाम साफ कर दिए गए हैं। इस घोषणा के बाद से ही जयपुर जिले की ग्रामीण राजनीति में सियासी हलचल काफी तेज हो गई है।
जारी की गई इस पहली सूची में पार्टी संगठन ने सामाजिक समीकरणों, जातीय संतुलन और क्षेत्रीय प्रभाव का पूरा ध्यान रखा है। चुनाव की तारीखों के नजदीक आने के साथ ही टिकट वितरण को लेकर हर कोई गुणा-भाग लगाने में जुट गया है। भाजपा द्वारा उठाए गए इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी का चुनावी प्रचार और अधिक आक्रामक होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
57 में से 55 वार्डों पर मुहर, दो सीटें होल्ड पर
भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी की गई इस पहली सूची की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पार्टी ने जयपुर जिला परिषद के कुल 57 वार्डों में से 55 वार्डों पर अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। हालांकि, पार्टी ने सांगठनिक और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल वार्ड नंबर 33 और वार्ड नंबर 56 के प्रत्याशियों के नामों को विचाराधीन यानी होल्ड पर रखा है, जिन पर जल्द ही फैसला लिए जाने की संभावना है।
चुनाव के पहले चरण के गणित को देखें तो जयपुर जिला परिषद के जिन 22 वार्डों में पहले चरण के तहत मतदान होना है, भाजपा ने उनमें से 20 वार्डों में अपने चेहरे पूरी तरह साफ कर दिए हैं। पहले चरण के इन वार्डों में मजबूत उम्मीदवारों को उतारकर पार्टी ने शुरुआत में ही बढ़त बनाने की रणनीति तैयार की है।
महिलाओं को प्राथमिकता
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस सूची में विशेष ध्यान दिया गया है। भाजपा की इस पहली सूची में कुल 31 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है, जो कुल घोषित सीटों का एक बड़ा हिस्सा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्रामीण मतदाता वर्ग में महिलाओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए यह फैसला पार्टी के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
मजबूत सामाजिक संतुलन
टिकट वितरण में सामाजिक और जातिगत संतुलन का भी पूरा ख्याल रखा गया है ताकि हर वर्ग और समुदाय के मतदाताओं को साधा जा सके। ग्रामीण अंचलों में कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दरकिनार कर जिताऊ और जुझारू चेहरों को प्राथमिकता दी गई है।
जयपुर जिला परिषद चुनाव: भाजपा ने 55 वार्डों में उतारे प्रत्याशी


