जयपुर। रीजनल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, दीपशिखा कला संस्थान द्वारा फार्मेसी विद्यार्थियों के लिए सांगानेर स्थित सनराइज ऑर्गेनिक प्लांट एवं गोशाला का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को औषधीय पौधों, हर्बल मेडिसिन, पौधों से औषधीय निष्कर्षण तथा गोबर फर्मेंटेशन की आधुनिक एवं पारंपरिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न औषधीय पौधों का अवलोकन किया तथा उनके औषधीय गुणों, संरक्षण और औषधि निर्माण में उपयोग के बारे में विशेषज्ञों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने पौधों से प्राकृतिक अर्क तैयार करने की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझा तथा जैविक खेती में गोबर आधारित फर्मेंटेशन तकनीकों का भी अध्ययन किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेदिक औषधियों तथा जैविक कृषि के बढ़ते महत्व को समझते हुए अपने व्यावहारिक ज्ञान में महत्वपूर्ण वृद्धि की। शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान किया।
चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर उन्हें उद्योग एवं शोध के क्षेत्र की वास्तविकताओं से परिचित कराते हैं।
वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने कहा कि कक्षा में प्राप्त ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है तथा ऐसे भ्रमण उनकी सीखने की क्षमता को और मजबूत बनाते हैं।
इस शैक्षणिक भ्रमण में फार्मेसी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन डॉ. अतुल एवं कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ. वैभव सक्सेना, विकास जांगिड़, जया शर्मा एवं प्रियंका द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन प्राचार्य डॉ. ताराचंद के निर्देशन में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराते हैं तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अनुभवात्मक शिक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण साबित हुआ।


