अंबाला के शहीद स्मारक में 1857 के क्रांतिकारियों की वीरगाथा और अयोध्या के दीपोत्सव में रामचरितमानस की चौपाइयों को देंगे स्वर
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर रविंद्र उपाध्याय के लिए यह दीपावली दोहरी उपलब्धि और गौरव का अवसर लेकर आई है। देश के दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी आवाज़ विशेष भूमिका निभाने जा रही है। एक ओर हरियाणा के अंबाला स्थित शहीद स्मारक में 1857 की क्रांति के अमर वीरों की गौरवगाथा उनकी आवाज़ में गूंजेगी, वहीं दूसरी ओर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव में रामचरितमानस की चौपाइयों और दोहों को भी वे अपनी आवाज़ देंगे।
अंबाला स्थित शहीद स्मारक का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा किया गया है। यह स्मारक 1857 की क्रांति में अंबाला सहित संपूर्ण भारत के वीर क्रांतिकारियों और शहीदों के बलिदान को समर्पित है। यहां प्रतिदिन एक भव्य लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं, वीरता और बलिदान की गाथा को आधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस संपूर्ण प्रस्तुति में रविंद्र उपाध्याय की प्रभावशाली आवाज़ दर्शकों को इतिहास के गौरवशाली अध्याय से जोड़ने का कार्य करेगी।
वहीं, इस दीपावली अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव में संक्षिप्त रामायण की विशेष संगीतमय प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र होगी। इस प्रस्तुति में रामचरितमानस की पवित्र चौपाइयों और दोहों को रविंद्र उपाध्याय ने अपनी भावपूर्ण आवाज़ में रिकॉर्ड किया है। इस विशेष आयोजन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी करेंगे। भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा और त्याग की गाथा को उनकी आवाज़ के माध्यम से संगीतमय स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
तीन दशकों से अधिक समय से संगीत जगत में सक्रिय रविंद्र उपाध्याय बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग, राजस्थानी लोक संगीत और भक्ति संगीत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। देश-विदेश में 2,500 से अधिक लाइव प्रस्तुतियां दे चुके रविंद्र उपाध्याय ने अपनी गायकी के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है।
इन दोनों प्रतिष्ठित आयोजनों से जुड़ने पर रविंद्र उपाध्याय ने कहा, “मेरे लिए यह अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है कि मेरी आवाज़ एक ओर देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों की गौरवगाथा का माध्यम बन रही है, तो दूसरी ओर प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामचरितमानस की पवित्र चौपाइयों और दोहों को स्वर देने का अवसर मिल रहा है। मैं इसे केवल अपने संगीत करियर की उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के प्रति अपनी एक छोटी-सी सेवा मानता हूं।”
जयपुर के एक कलाकार की आवाज़ का देश के दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजनों में इस प्रकार शामिल होना न केवल रविंद्र उपाध्याय के लिए, बल्कि पूरे जयपुर और राजस्थान के संगीत जगत के लिए भी गर्व और सम्मान की बात है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान की संगीत प्रतिभाएं अपनी कला के माध्यम से देश की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
एक आवाज़, दो गौरवगाथाएं—अंबाला में शहीदों का बलिदान और अयोध्या में प्रभु श्रीराम की महिमा। इस दीपावली रविंद्र उपाध्याय की आवाज़ राष्ट्रीय गौरव, भक्ति और भारतीय संस्कृति का स्वर बनेगी।
राष्ट्रीय गौरव के दो ऐतिहासिक आयोजनों में गूंजेगी जयपुर के रविंद्र उपाध्याय की आवाज़


