जयपुर। जयपुर जिले के 18 नगरीय निकायों में सोमवार को सभापति और पालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान हो रहा है। इनमें 2 नगर परिषद और 16 नगर पालिकाएं शामिल हैं। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद संबंधित निकाय मुख्यालयों पर मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। 14 सितंबर को आए पार्षद चुनाव परिणामों में कई निकायों में दोनों दलों के बीच कड़ा मुकाबला रहा, जबकि कई वार्डों में निर्दलीय पार्षद भी मजबूत स्थिति में हैं। अध्यक्ष चुनाव से पहले दोनों दलों ने पार्षदों की बाड़ाबंदी की। पार्षदों को जयपुर के बाहरी इलाकों और पुष्कर के होटल-रिजॉर्ट में ठहराया गया। सोमवार सुबह उन्हें लग्जरी बसों से पुलिस सुरक्षा के बीच संबंधित मतदान केंद्रों तक पहुंचाया गया।
चुनाव को लेकर मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। कई निकायों में निर्दलीय पार्षद अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर ऐसे पार्षदों पर बनी हुई है। मतदान से पहले दोनों खेमों ने अपने पार्षदों से संपर्क बनाए रखा और उन्हें एकजुट रखने की कोशिश की। अध्यक्ष पद के परिणाम सामने आने के साथ ही निकायों में अगले पांच साल के लिए राजनीतिक समीकरण भी काफी हद तक स्पष्ट हो जाएंगे।
इधर, जयपुर नगर निगम में महापौर का चुनाव आज नहीं होगा। ईवीएम संबंधी तकनीकी समस्या के कारण कुछ वार्डों में पुनर्मतदान और मतगणना में देरी के चलते चुनाव टाल दिया गया था। अब 25 सितंबर को महापौर पद के लिए मतदान और मतगणना होगी। 19 सितंबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भाजपा और कांग्रेस ने महापौर पद के लिए अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। जयपुर नगर निगम के चुनाव परिणाम पर भी राजनीतिक दलों और शहरवासियों की नजरें टिकी हैं।
अध्यक्षों की कुर्सी पर आज फैसला, बाड़ाबंदी से मतदान केंद्र तक पहुंचेंगे पार्षद


