बांदरसिंदरी पुलिस ने 27 साल से फरार 15 हजार के ईनामी भगोड़े को उत्तराखंड से किया गिरफ्तार
अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अभियान में 26वीं कार्रवाई के तहत 60वां बांग्लादेशी पुलिस की गिरफ्त में; चोरी के मामले में 1999 से फरार आरोपी हल्द्वानी से गिरफ्तार
जयपुर। अजमेर जिला पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान एवं उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के अभियान के तहत एक और बांग्लादेशी नागरिक को दस्तयाब किया है। जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की यह 26वीं कार्रवाई है। इस कार्रवाई के साथ अब तक कुल 60 बांग्लादेशी नागरिक दस्तयाब किए जा चुके हैं।
पुलिस मुख्यालय एवं महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज डॉ. रवि के निर्देशों के तहत अजमेर जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान व निष्कासन हेतु अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के मार्गदर्शन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ के निर्देशन और वृत्ताधिकारी हर्षित शर्मा के नेतृत्व में अजमेर पुलिस व सीआईडी जोन की गठित विशेष टीम ने 26वीं सफल कार्रवाई को अंजाम दिया।
टीम ने मुखबिर की सूचना, तकनीकी साधनों व सघन चेकिंग के दौरान दरगाह बाजार क्षेत्र से एक संदिग्ध को डिटेन किया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद रफिकुल इस्लाम उर्फ सुमन (27) पुत्र मोहम्मद फैजल मिया निवासी ग्राम हेराकंदी, थाना खलियाजुरी, जिला नेत्रोकोना, बांग्लादेश बताया। आरोपी बिनापोल बॉर्डर पश्चिम बंगाल से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर कोलकाता से ट्रेन द्वारा अजमेर आया था और खानाबदोश के रूप में रह रहा था। अवैध रूप से सीमा पार करने की पुष्टि होने के बाद पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। इस विशेष अभियान के तहत अजमेर पुलिस अब तक कुल 60 अवैध बांग्लादेशियों को डिटेन कर चुकी है।
बांदरसिंदरी थाना पुलिस का बड़ा एक्शन: 27 साल से फरार 15 हजार का ईनामी भगोड़ा गिरफ्तार
अजमेर जिला पुलिस द्वारा पुराने लंबित प्रकरणों में वांछित व मफरूर आरोपियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने वर्ष 1999 से फरार चल रहे एक ईनामी भगोड़े को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. लालचंद कायल एवं वृत्ताधिकारी आयुष वशिष्ठ के निकट सुपरविजन में बांदरसिंदरी थानाधिकारी बन्ना लाल जाट के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता की मदद से 27 वर्षों से फरार 15,000 रुपये के ईनामी आरोपी कुंदन सिंह उर्फ कुशल सिंह निवासी जिला अल्मोड़ा/बागेश्वर, उत्तराखंड को को हल्द्वानी (नैनीताल, उत्तराखंड) से दबोच लिया।
टैंकर का ट्रक हॉर्स चोरी कर हुआ था फरार, पुलिस ने 1999 में घोषित किया था भगोड़ा
घटनाक्रम के अनुसार 11 नवंबर 1999 को परिवादी मोहन सिंह (टैंकर चालक) ने थाना बांदरसिंदरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह मथुरा से जामनगर के लिए टैंकर ले जा रहा था। बांदरसिंदरी स्थित एक होटल पर वह अपने खलासी कुंदन सिंह को टैंकर सौंपकर निजी काम से घर गया था। वापस लौटने पर आरोपी खलासी कुंदन सिंह टैंकर का ‘हॉर्स’ (ट्रक का मुख्य भाग), वाहन के कागजात और परिवादी का आई-कार्ड चोरी करके फरार हो गया था। इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना के बाद से ही लगातार पहचान बदलकर गिरफ्तारी से बच रहे आरोपी को पुलिस अधीक्षक अजमेर द्वारा भगोड़ा घोषित कर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे अब उत्तराखंड से गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
अजमेर पुलिस की दो बड़ी कार्रवाइयां: स्पेशल टास्क फोर्स ने अवैध बांग्लादेशी नागरिक को दबोचा


