जयपुर। सावन माह के पहले सोमवार पर राजस्थान भगवान शिव की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आया। प्रदेश के छोटे-बड़े शिवालयों में तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की। सावन 2026 का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है, जिसे शिवभक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
राजधानी जयपुर के अंबिकेश्वर महादेव, ताड़केश्वर महादेव, झारखंड महादेव, गोपालजी का रास्ता स्थित शिव मंदिरों सहित प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। कई मंदिरों में विशेष श्रृंगार, रुद्राभिषेक, महाआरती, भजन-कीर्तन और प्रसादी का आयोजन किया गया। मंदिर समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छाया और कतारबद्ध दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई।
उदयपुर के एकलिंगजी, भीलवाड़ा के हरणी महादेव, अजमेर, जोधपुर, कोटा, अलवर, सीकर, भरतपुर, बूंदी, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और अन्य जिलों के शिव मंदिरों में भी हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर जलाभिषेक किया। कई स्थानों पर कांवड़िए पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। प्रमुख मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई। मंदिर परिसरों में चिकित्सा सहायता और आपात सेवाओं की भी व्यवस्था की गई।
सावन के पहले सोमवार पर प्रदेशभर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा और पूरा वातावरण शिवमय बना रहा।
सावन के पहले सोमवार पर राजस्थान के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब


