जयपुर। जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बुधवार को जेडीए कमिश्नर सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में जेडीए में आयोजित 96वीं ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में शहर के विभिन्न यातायात प्रोजेक्ट्स, अतिक्रमण हटाने और तकनीकी सुधारों पर लिए गए इन दूरगामी निर्णयों से जबर्दस्त सकारात्मक बदलाव आने की सम्भावना है।
पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ की उपलब्धता पर विशेष फोकस—
बैठक में राहगीरों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है कि फुटपाथ केवल पैदल चलने वालों के लिए उपलब्ध होने चाहिए। फुटपाथों और सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए जेडीए की प्रवर्तन शाखा द्वारा अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। शहर के फुटपाथों पर अवैध रूप से संचालित डेयरी बूथों को हटाया जाएगा। विभिन्न मार्गों पर आवासीय एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठाानों द्वारा बनाए गए रैंप और सीढ़ियों के कारण फुटपाथ घिर गए हैं, उन्हें हटाकर राहगीरों के लिए सुरक्षित फुटपाथ सुनिश्चित किया जाएगा।
एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान (ATMP) और सिग्नल-फ्री आंतरिक सड़कें—
जयपुर में शहरी यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया जा रहा है। ट्रैफिक मैनेजमेंट के इस नए इवोल्यूशन (जंक्शन से कॉरिडोर और फिर एरिया तक) के तहत कार्य किए जायेंगे।
प्रस्ताव के अनुसार पैदल यात्रियों के लिए बाधारहित और सुरक्षित निरंतर (Continuous) फुटपाथ विकसित किए जाएंगे, जहां सड़क और वॉकवे के बीच स्पष्ट अलगाव (ग्रीन मेश फेंस) और सुरक्षा के लिए लो-लेवल लाइटिंग होगी। सड़कों को हरित पट्टियों, जिम उपकरणों, साइकिल ट्रैक, बैठने की जगहों, संकेतकों एवं अन्य शहरी सुविधाओं से अधिक आकर्षक और उपयोगी बनाया जाएगा।
इसके साथ ही नेटवर्क मोबिलिटी के तहत उपयुक्त चौराहों पर आकर्षक रोटरी (Roundabout) विकसित कर आंतरिक सड़कों पर यातायात को बिना ट्रैफिक सिग्नल के सुचारु रूप से संचालित करने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य पैदल आवागमन को बढ़ावा देना, यातायात जाम और प्रतीक्षा समय को कम करना, सड़क सुरक्षा में सुधार लाना तथा जयपुर में आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती, जेडीए चलाएगा अभियान—
शहर के प्रमुख मॉल्स की बेसमेंट पार्किंग से अवैध अतिक्रमण और व्यावसायिक गतिविधियों को हटाकर उन्हें केवल पार्किंग के लिए आरक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही एस.एल. मार्ग पर स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों और अस्पतालों द्वारा रैंप, सीढ़ियां और जालियां लगाकर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी।
फ्लाईओवर के नीचे किए जायेंगे पार्किंग स्थल विकसित—
जयपुर में स्थित फ्लाईओवर के नीचे के अव्यवस्थित हिस्से को सुव्यवस्थित पार्किंग स्थान के रूप में तब्दील किए जाने पर चर्चा की गई। जिससे रिक्त पडे स्थान का सदुपयोग किया जा सके। इसके साथ—साथ ऐसे स्थानों पर आकर्षक हेरिटेज लुक में विकास करते हुए प्लांटर्स, कियोस्क व उचित लाइटिंग के साथ बेहतरीन सौंदर्यीकरण पर भी चर्चा की गई। प्रस्ताव तैयार कर आगामी बैठक में रखे जाने के निर्देश दिये।
ई-रिक्शा का जोनवार संचालन और स्मार्ट प्रबंधन—
ई-रिक्शा प्रबंधन के तहत शहर में संचालित लगभग 50 हजार ई-रिक्शा के सुचारू संचालन के लिए शहर को 7 अलग-अलग जोनों में विभाजित किया गया है। आमजन एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिए इस क्यूआर कोड में आपातकालीन एसओएस अलर्ट की सुविधा भी जोड़ी गई है।
एआई तकनीक से ट्रैफिक मॉनिटरिंग—
यातायात प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान की जाएगी। चौराहों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर वाहनों के पेंडिंग चालान प्रदर्शित किए जाएंगे।
यातायात पुलिस के लिए समस्त सुविधाओं से लेस यातायात बूथ—
आधारभूत संरचना और पुलिस संसाधनों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस के लिए अलग वॉशरूम सुविधा वाले हेरिटेज लुक के नए डिजाइन के पुलिस बूथ को स्वीकृति प्रदान की गई है।
जयपुर में यातायात सुधार की बड़ी पहल: एआई और स्मार्ट तकनीक से होगा ट्रैफिक मैनेजमेंट, चौराहों पर दिखेंगे पेंडिंग चालान


