पत्नी के लिए मोहनथाल ले जाने की जिद करता रहा आरोपी, एएनटीएफ ने ऑपरेशन रजियांजनेय में एक साल से फरार नशा तस्कर को किया गिरफ्तार
जयपुर। नशा मुक्त राजस्थान के संकल्प के तहत राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन रजियांजनेय के तहत करीब एक वर्ष से फरार और 25 हजार रुपये के इनामी मादक पदार्थ तस्कर हनुमान उर्फ राजू को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी इतना शातिर था कि घर पर कभी एक नंबर से बात नहीं करता था, बल्कि हर बार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से तय समय पर अपने भाई को फोन करता था। लेकिन उसकी सुबह-शाम पार्क में टहलने की आदत आखिरकार उसे जेल तक ले आई।
महानिरीक्षक पुलिस एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान का हिस्सा है। आरोपी श्रीगंगानगर जिले के रजियासर थाना क्षेत्र में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के मामले में वांछित था और पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
100 बीघा जमीन थी, लेकिन आसान कमाई की लालच ने बना दिया तस्कर
हनुमान उर्फ राजू पुत्र घेवर राम जाट (27) निवासी सियागो की ढाणी थाना खींवसर जिला नागौर ने 12वीं तक पढ़ाई की। पिता की मृत्यु के बाद उसके हिस्से में करीब 100 बीघा कृषि भूमि आई, लेकिन खेती में मेहनत करने के बजाय उसने पहले शराब की दुकान पर सेल्समैन का काम किया। वर्ष 2015 में शादी के बाद बढ़ते खर्च और ऐशो-आराम की चाह ने उसे गलत रास्ते पर धकेल दिया। एक शादी समारोह में कुछ तस्करों से हुई दोस्ती उसके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनी और उसने मादक पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी।
जमानत खारिज हुई तो गुजरात भाग गया, पुलिस से हाथापाई कर भी हुआ फरार
वर्ष 2025 में श्रीगंगानगर के रजियासर थाना क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी के मामले में उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद उसका नाम भी सामने आया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अग्रिम जमानत की कोशिश की, लेकिन हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। इसके बाद वह गुजरात भाग गया। इससे पहले जब पुलिस उसे पकड़ने उसके घर पहुंची थी तो उसने परिजनों की मदद से पुलिस से हाथापाई कर फरार होने में भी सफलता हासिल कर ली थी।
ई-मित्र की दुकान, मिठाई का डिब्बा और तकनीक… ऐसे जुड़ती गई गिरफ्तारी की कड़ियां
एएनटीएफ की जांच के दौरान एक मुखबिर ने सूचना दी कि आरोपी की पत्नी ई-मित्र केंद्र पर गुजरात पैसे भेजने की जानकारी ले रही है। इसी बीच सूचना मिली कि आरोपी गांव आया था, लेकिन टीम पहुंचने से पहले निकल चुका था। तलाशी के दौरान घर के पास पड़े कचरे से वडोदरा की एक मिठाई की दुकान का डिब्बा मिला। यहीं से जांच की दिशा गुजरात की ओर मुड़ गई।
टीम वडोदरा पहुंची और लगातार तीन दिन तक निगरानी करती रही। तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि आरोपी रोजाना लगभग एक ही समय पर अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अपने भाई को फोन करता है और हर बार उसकी लोकेशन एक ही स्थान आती है। जब उस स्थान की पड़ताल की गई तो वह एक पार्क निकला। पहले से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी सुबह-शाम पार्क में टहलने का शौकीन था। बस, इसी आदत ने उसे पुलिस के शिकंजे में पहुंचा दिया। तय समय पर पार्क में मोबाइल पर बात करते हुए एएनटीएफ ने उसे धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद बोला- पत्नी के लिए मोहनथाल ले चलने दो
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने एएनटीएफ टीम से एक भावनात्मक अनुरोध किया। उसने कहा कि उसकी पत्नी को वडोदरा की प्रसिद्ध मोहनथाल मिठाई बेहद पसंद है और वह जब भी घर जाता था, यह मिठाई जरूर लेकर जाता था। वह बार-बार टीम से आग्रह करता रहा कि इस बार भी उसे पत्नी के लिए मोहनथाल साथ ले जाने दिया जाए।
महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन में शामिल एएनटीएफ टीमों को मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि मादक पदार्थों की तस्करी या किसी भी अपराधी से संबंधित सूचना एएनटीएफ नियंत्रण कक्ष 0141-2502877 अथवा व्हाट्सएप 9261225056 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सुबह-शाम पार्क में टहलना पड़ा भारी: 25 हजार का इनामी तस्कर वडोदरा से दबोचा


