जयपुर। सहकारिता एक ऐसा माध्यम है जिससे आम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है। इसके माध्यम से किसान समृद्ध एवं खुशहाल हो रहा है। भारत सरकार ने सहकारिता के महत्व को समझते हुए 6 जुलाई, 2021 को सहकारिता मंत्रालय का गठन किया और इस वर्ष सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देश में सहकार सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।
नेहरू सहकार भवन में सहकार सप्ताह के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुये सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना हमारा प्राथमिक ध्येय है। यह गर्व का विषय है कि किसानों को शोषण से मुक्ति दिलाकर मुख्य धारा में लाने का श्रेय सहकारिता को जाता है।
उन्होंने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुडे प्रदेश के सभी सहकारी संस्थाओं के लगभग 25 हजार पदाधिकारियों, अधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा कि अब एम-पेक्स 114 से अधिक नवाचारों को अपना सकती है और किसानों को उनके डोर-स्टेप पर सेवायें प्रदान कर सकती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि बदलाव की यह बयार रूकनी नहीं चाहिये तथा खुशहाल किसान और विकसित राजस्थान के सपने को साकार करने में हमे मिलकर काम करना होेगा।
दक ने कहा कि प्रदेश में सहकारी माॅडल पर आधारित भारत टैक्सी की सेवा की शुरूआत जल्द होने जा रही है। यह एक ऐसी विश्वसनीय, किफायती एवं सुरक्षित सेवा है जो सर्ज-फ्री प्राइसिंग माॅडल पर आधारित है। उन्होनें कहा कि यह सहकारिता की ताकत है कि भारत टैक्सी सेवा के फीचर्स देखकर अन्य सभी कम्पनियां भी अपने माॅडल में बदलाव ला रही है।
सहकारी सेवाओं में कुशलता एवं पारदर्शिता की वृद्धि के लिये राजसहकार मोबाइल एप्प को लाँच करते हुये सहकारिता मंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से अधिकारिगण त्वरित ढंग से सेवाओं के लिये आवेदनों का निस्तारण कर सकेंगे, जिससे आवेदकों को अपने आवेदन की रियल टाइम जानकारी प्राप्त होगी।
शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डाॅ. समित शर्मा ने विभागीय कार्यों की प्रभावी माॅनिटरिंग को सुनिष्चित करने के लिये केपीआई (की परफाॅरमेंस इण्डिकेटर्स) जारी किये। उन्होंने कहा कि इससे अधिकारियों की जबावदेही तय की गई है ताकि आमजन को दी जा रही सेवाओं की समयबद्ध डिलेवरी सुनिश्चित की जा सके।
डाॅ. शर्मा ने कहा कि सहकार से समृद्धि भारत सरकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाकर ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि लाना है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से सहकारी समितियों को किसान समृद्धि केन्द्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं त्वरित सेवाओं के निष्पादन के लिये तकनीकी रूप से उन्नत किया जा रहा है।
सहकार से समृद्धि के राज्य समन्वयक एवं प्रबंध निदेशक, राजफैड सौरभ स्वामी ने कहा कि म्हारो खातो-म्हारो बैंक के अन्तर्गत दुग्ध समितियों के खाते जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों में खुलवाये जा रहे हैं। इसके लिये बैंक मित्र बनाकर मार्च, 2027 तक 12 हजार माइक्रो एटीएम वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि दुग्ध उत्पादकों को डोर-स्टेप बैंकिंग की सुविधा मिल सके। इस अवसर पर सहकार से समृद्धि विषय पर एक लघु फिल्म का प्रस्तुतिकरण भी किया गया।
सहकारिता से किसान हो रहा है समृद्ध और खुशहाल: समितियों को अग्रणी भूमिका निभाने के लिये आगे आना होगा- सहकारिता मंत्री


