अब तक कुल 10 गिरफ्तार
चीनी आकाओं के इशारे पर चलता था कंबोडिया का फ्रॉड कंपाउंड, इनकार करने पर भारतीय युवाओं को बनाया जाता था बंधक
जयपुर। राजस्थान पुलिस के साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर ने अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी और साइबर फ्रॉड गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अजमेर से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) से प्राप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। नवीनतम कार्रवाई में अजमेर निवासी अजरुद्दीन काठात उर्फ साल्सा को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले पुष्कर स्थित एक निजी वित्तीय कंपनी में कार्यरत था। उसका संपर्क रवि उर्फ माही से हुआ, जिसने उसे कंबोडिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर वहां भेजा। कंबोडिया पहुंचने के बाद वह चीनी नागरिकों द्वारा संचालित साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ गया, जहां उसे प्रतिमाह 800 अमेरिकी डॉलर वेतन के साथ साइबर ठगी में सफलता मिलने पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि कंबोडिया स्थित साइबर फ्रॉड कंपाउंड में क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन में निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि भारत से लोगों को वैध नौकरी का प्रलोभन देकर कंबोडिया बुलाया जाता था और बाद में उन्हें साइबर ठगी के काम में लगाया जाता था। विरोध करने वाले लोगों को बंधक बनाकर प्रताड़ित भी किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी चीनी नागरिकों अतई बॉस और बॉस डेमन के अधीन काम कर रहा था। उसने विजयनगर, अजमेर, ब्यावर और आसपास के क्षेत्रों के कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजने की बात स्वीकार की है। आरोपी दिसंबर 2025 में भारत लौट आया था और वर्तमान में एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद था।
एडीजी सिंह ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी नेटवर्क से जुड़े अन्य भारतीय सहयोगियों की पहचान की जा रही है। मामले में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण जारी है तथा पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन और उपाधीक्षक पुलिस एवं थानाधिकारी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में पुलिस निरीक्षक नीरज कुमार तथा कांस्टेबल सुरेश कुमार, जितेंद्र, अमित कुमार और आनंद शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी एवं साइबर फ्रॉड गिरोह पर स्टेट साइबर क्राइम थाना जयपुर की बड़ी कार्रवाई: अजमेर से एक और आरोपी गिरफ्तार


